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Varanasi : म्यूजिक थेरेपी से संभव है डिमेंशिया का इलाज : डॉ. पंकज

Treatment of dementia is possible through

वाराणसी : विश्व अल्जाइमर दिवस पर गुरुवार को डीएवी पीजी कॉलेज में मनोविज्ञान विभाग की पहल पर ‘नेवर टू अर्ली, नेवर टू लेट’ विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया । गोष्ठी में मुख्य वक्ता मनोचिकित्सक डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि भूलने की बीमारी जिसे डिमेंशिया कहा जाता है यह मरीज के अंदर डर का भाव उत्पन्न करता है, इस डर को दवा से बेहतर उनके साथ अच्छा व्यवहार कर दूर किया जा सकता है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की थेरेपी इसके लिए काफी कारगर है जैसे म्यूजिक थेरेपी, एरोमा थेरेपी, मसाज, लाइट थेरेपी आदि है।

उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ परिजनों का व्यक्तिगत व्यवहार काफी हद तक मायने रखता है उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए। ऐसी बीमारी का पता लगने के बाद जितना ज्यादा अच्छा व्यवहार उनके साथ करेंगे, उतना जल्दी उनके स्वस्थ होने की संभावना रहती है।

अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य प्रो. सत्यगोपाल ने कहा कि डिमेंशिया की बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, आंकड़ों के मुताबिक विश्वभर में 90 लाख से अधिक बुजुर्ग अपनी यादाश्त खो चुके है। काफी लोग इस बीमारी को बताने में संकोच महसूस करते है जबकि इसका इलाज संभव है। प्रो. सत्यगोपाल ने कहा कि डिमेंशिया का पता लगाने के लिए डॉक्टर के पास जाने की भी जरूरत नही है । बल्कि एक मनोवैज्ञानिक मिनी मेन्टल स्टेटस एग्जामिनेशन से भी डिमेंशिया की स्थिति पता लगा सकता है।

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