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Chandigarh: मंत्रिमंडल की बैठक में मिल सकती है अध्यापकों की नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी

पहले चरण में जेबीटी तो दूसरे चरण में होंगे टीजीटी, पीजीटी के होंगे तबादले

चंडीगढ़:(Chandigarh) हरियाणा सरकार ने प्रदेश में अध्यापकों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार कर ली है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में इस पॉलिसी को मंजूरी दी जा सकती है।

राज्य में संशोधित ट्रांसफर पॉलिसी के तहत अब शिक्षकों को परीक्षा परिणाम में दिए जाने वाले अंकों का लाभ नहीं मिलेगा। यह लाभ सीधे तौर पर स्कूल प्रिंसिपल और हेड मास्टर को ही मिलेगा। पुरानी ट्रांसफर पॉलिसी में अंकों के बंटवारे में शिक्षक को तबादलों के लिए मिलने वाले अंकों में कुल पांच अंक परीक्षा परिणाम के लिए दिए जाते थे। यह अंक शिक्षक को ट्रांसफर ड्राइव के दौरान उसका मेरिट क्राइटेरिया और उसे नजदीक का स्टेशन दिलवाने में मदद करते थे। अब विभाग ने शिक्षकों को इन अंकों का लाभ देने से मना कर दिया है।

पुरानी पॉलिसी में विधवाओं को दस अंकों का लाभ मिलता था। अब संशोधित ट्रांसफर पॉलिसी के तहत विधवाओं को बच्चों की उम्र सहित तमाम बिंदुओं को ध्यान में रखकर लाभ दिए जाएंगे। अब तक वर्ष 2016 में पहली व अंतिम बार जेबीटी के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर अभियान चलाया गया था, जिसमें ढेरों खामियों होने के चलते बंद कर दिया गया।

अंतर जिला तबादलों से पहले कोर्ट के निर्णय अनुसार मेरिट निर्धारित की जाए। उसके बाद अंतर जिला तबादलों का रास्ता साफ हो पाएगा। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि विभाग संशोधित ट्रांसफर पॉलिसी के तहत नियुक्ति तिथि अनुसार क्रमश वर्ष 2004, 2008, 2011 और 2017 जेबीटी के अंतर जिला तबादले करेगा या अन्य तरीके अर्थात अंकों के आधार पर वरीयता दी जाएगी।

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