नई दिल्ली : मध्य जिले के आईपी एस्टेट थाना इलाके से 4 साल के बच्चे के अपहरण के मामले की गुत्थी को पुलिस ने आठ घंटे के भीतर सुलझा कर ना केवल अपहरणकर्ता को गिरफ्तार कर लिया, बल्कि बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया। जांच में चला की अपहरणकर्ता की दो बेटियां ही थी और बेटे की चाहत में उसने दूसरे के बच्चे का अपहरण करने की योजना बनाई और मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने “ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकॉग्निशन” से अपहरणकर्ता के बाइक के नम्बर से अपहरण के मामले का खुलासा करके उसे गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
डीसीपी संजय कुमार सेन ने रविवार को बताया कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपित की पहचान जगतपाल के रूप में हुई है, जो मथुरा रोड का रहने वाला है। बच्चे को 30 जून की शाम के समय अपहरण किया था, जब वह बड़े भाई के साथ खेल रहा था। पुलिस को पीसीआर कॉल मिली थी, की 4 साल के बच्चे किडनैप कर लिया गया है।
बाइक पर यमुना ब्रिज विकास मार्ग पर, वहां पर पुलिस टीम पहुंची तो वहां मोहम्मद इस्लाम नाम का एक शख्स पुलिस को मिला और उसने बताया कि उसका बेटा यमुना ब्रिज के पास खेल रहा था अपने भाई 12 साल के सद्दाम के साथ। उसी दौरान एक बाईक सवार वहां पहुंचा और उसने छोटे बच्चे को उठाकर वहां से फरार हो गया।
इस मामले में आईपी एस्टेट थाना में एफआईआर दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। एसीपी कमला मार्केट की देखरेख में टीम ने जांच शुरू किया और उसमें पता चला की जिस बाइक से अपहरण किया गया था, उसका सीसीटीवी से नम्बर क्लियर नही आ रहा है।
फिर पुलिस टीम ने “ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन” की मदद से बाइक पर लगे नम्बर प्लेट की पहचान करके फिर उसके आधार पर पता लगाया। फिर पता चला कि राशिद अली के नाम पर वह बाइक रजिस्टर्ड है जो महावीर एनक्लेव दिल्ली का पता निकला। पुलिस टीम वहां पहुंची तो पता चला कि जिसके नाम से बाइक थी उसने किसी को बेच दिया था और उससे मोबाइल नंबर मिल गया। पुलिस टीम आगे जांच करती हुई मथुरा रोड पर अली गांव पहुंची वहां से बच्चे को बरामद कर लिया और आरोपी को पकड़ लिया।
उसने बताया की उसका कोई बेटा नही है। दो बेटियां हैं 13 और 7 साल की। उसके मन मे मलाल था बेटा नही होने का। वह जब भी यमुना ब्रिज के पास से गुजरता तो उसकी नजर सड़क किनारे खेल रहे बच्चों पर पड़ती थी। उसी पर उसका ध्यान आया और उसने प्लानिंग करके किडनैप कर लिया।


