रांची : झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस नवनीत कुमार की अदालत में बुधवार को चर्चित रेबिका पहाड़िन हत्याकांड मामले में सुनवाई हुई। अदालत ने सुनवाई के दौरान अपना फैसला सुनाते हुए तीन आरोपितों को जमानत पर रिहा कर दिया है। तीनों आरोपितों में पति आमिर हुसैन, महताब और गुलेरा शामिल हैं। तीनों आरोपितों में मुख्य अभियुक्त दिलदार अंसारी के रिश्तेदार हैं। हालांकि, इन तीनों को सशर्त जमानत दी है।
अदालत ने शर्त रखते हुए कहा है कि इन तीनों को हर दिन संबंधित थाना आकर अपनी हाजिरी लगानी होगी। साथ ही 25-25 हजार के दो निजी मुचलके भी भरने होंगे।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों ने जमानत याचिका की अपील की थी, जिसपर सुनवाई करते हुए यह निर्णय लिया गया है। आरोपितों की तरफ से वकील रोहन मजूमदार ने बहस की और जमानत देने की मांग की थी।
रेबिका हत्याकांड मामले में अभी तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें मुस्तकीम अंसारी, दिलदार अंसारी, मरियम निशा, गुलेरा खातुन, सरैजा खातुन, गुलेरा खातुन, महताब अंसारी, आमिर अंसारी, मैनूल एक, शहर बानो, जरीना बीबी और मैनुल अंसारी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि बोरियो थाना क्षेत्र अंतर्गत मठियो डोंडा पहाड़ की रहने वाली रेबिका हाट बाजार आती थी। इसी दौरान दिलदार नामक व्यक्ति ने रेबिका को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया और शादी कर ली। एक महीने से दोनों साथ में रह रहे थे। हालांकि दिलदार पहले से शादीशुदा था। दिलदार के घरवाले रेबिका के साथ शादी करने से खुश नहीं थे। यही वजह थी कि रेबिका से शादी करने के बाद दिलदार ने उसे बोरियो संताली स्थित हेमंती मुर्मू के मकान में किराये का कमरा लेकर रखा था। दिलदार के घरवालों को रेबिका बहू के रूप में स्वीकार नहीं थी। दिलदार की पहली पत्नी भी घर में कलह करती थी। इसके बाद दिलदार के परिवारवालों ने योजना बना कर 16 दिसंबर 2022 को हत्या कर दी थी। 17 दिसंबर की शाम को रेबिका के शव के कुछ टुकड़े बोरियो संथाली में एक निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र के पास मिले थे।


