रायपुर:(Raipur) फर्जी जाति प्रमाण पत्र के विरोध में आमरण अनशन कर रहे तीन युवको की तबियत बिगड़ने पर पुलिस ने देर रात उन्हें मेकाहारा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले पांच दिनों से फर्जी जाति प्रमाण पत्र के विरोध में अनुसूचित जाति /जनजाति वर्ग के 6 युवक आमरण नई राजधानी स्थित धरना स्थल में आमरण अनशन कर रहे हैं । देर रात 3 युवाओं की तबियत ज्यादा खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। युवकों का मेकाहारा अस्पताल में इलाज जारी है। आमरण अनशन पर उनके साथी अभी भी बैठे हुए हैं।छत्तीसगढ़ में राज्य बनाने के बाद ऐसी फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी एवं राजनीतिक लाभ लेने के अनेक मामलों की शिकायत हुई है ।सरकार ने शिकायतों के निराकरण के लिए उच्च स्तरीय छानबीन समिति गठित भी की है ,पर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने पर प्रशासनिक उदासीनता बरती जा रही है।
उच्चस्तरीय जाति छानबीन समिति ने 700 शिकायतों की जांच की, जिसमें से 267 ऐसे मामले थे , शिकायतें सही पाई गई जो फर्जी जाति के सहारे नौकरी एवं राजनैतिक लाभ ले रहे हैं। जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र 25 नवम्बर 2020 को ऐसे लोग जो फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर लाभ उठा रहे है उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश दिए गए।इस पूरे मामले को लेकर विनय कौशल के नेतृत्व में मनीष गायकवाड़, हरेश बंजारे, आशीष टंडन, लव कुमार सतनामी, रोशन जांगड़े पिछले 4 दिनों यानी 19 तारीख से आमरण अनशन पर बैठे है।


