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Ahmedabad : गुजरात में बिपरजॉय चक्रवात का कहर, 400 से अधिक पेड़ गिरे

अहमदाबाद : बिपरजॉय चक्रवात के आउटर लाइन के गुजरात के समुद्री तट पर टकराने के बाद से समुद्रतटीय जिलों में भारी बरसात के साथ तेज हवाओं का दौर जारी है। शाम 6 बजे के बाद से देवभूमि द्वारका, कच्छ, पोरबंदर और जामनगर में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बह रही है। मूसलाधार बारिश के साथ समुद्र में उफान शुरू हो चुका है। प्रशासन ने इन सभी जिलों के समुद्रतटीय क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी किया है। देर रात तक चक्रवाती तूफान का पूरा भाग तट से टकरा कर आगे बढ़ेगा।

इस बीच सर्वाधिक प्रभावित 8 जिलों में कुल 400 पेड़ उखड़कर गिर गए हैं, इन सभी पेड़ों को वन विभाग द्वारा सड़कों से हटा लिया गया है। चक्रवात, बरसात और तेज हवाओं को ध्यान में रखकर पूर्व तैयारियों के रूप में सौराष्ट्र के 8 जिलों में विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए 4317 होर्डिंगों को हटा दिया गया है, ताकि जान-माल की हानि को टाला जा सके। इसके अलावा, इन 8 जिलों में 21,595 नौकाओं को लंगर डाल कर खड़ा किया गया है। गुजरात मेरिटाइम बोर्ड की ओर से खंभात की खाड़ी के पास स्थित बंदरगाह पर 21 जहाजों और एंकरेज में 17 जहाजों की व्यवस्था की गई है।

ऊर्जा विभाग की तैयारियां

तेज हवाओं के कारण बिजली के पोल और स्ट्रीट लाइट को व्यापक नुकसान होना शुरू हो गया है। हालांकि प्रशासन की पूर्व व्यवस्था के कारण नुकसान को काफी कम करने की जुगत भिड़ाई गई है। इसके तहत ऊर्जा विभाग का कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत पश्चिम गुजरात वीज कंपनी लिमिटेड (पीजीवीसीएल) की ओर से सौराष्ट्र के इन 8 जिलों के कुल 3751 गांवों में 597 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (गेटको) की ओर से कुल 714 सबस्टेशनों में 51 टीमें तैनात की गई हैं। पीजीवीसीएल द्वारा संभावित प्रभावित जिलों के आसपास के जिलों में कुल 889 टीमें स्टैंडबाय रखी गई हैं, जबकि गेटको द्वारा आसपास के जिलों में कुल 81 टीमें स्टैंडबाय रखी गई हैं। इसके अलावा, इन 8 जिलों में जेसीबी, डम्पर, ट्रैक्टर और लोडर आदि जैसे साजो-सामान के साथ राज्य सरकार के सड़क एवं मकान विभाग द्वारा 132 टीमें तैनात की गई हैं।

65 लाख मोबाइल धारकों तक मुख्यमंत्री का संदेश पहुंचा

गुजरात सरकार के सूचना विभाग की ओर से चक्रवात के गुजरात में टकराने से पहले 13 जून की शाम से शुरू कर अभी तक राज्य के 6 संभावित प्रभावित जिलों में 65 लाख मोबाइल धारकों को मुख्यमंत्री का वॉइस मैसेज (ओबीडी – आउटबाउंड डायलिंग) भेजा गया है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा की गई तैयारियों और चक्रवात से पूर्व सतर्कता के उपायों के बारे में जानकारी दी गई है। इसी तरह, लगभग 65 लाख मोबाइल धारकों तक मुख्यमंत्री का आम जनता के नाम संदेश और ऐसे अन्य पांच संदेश जैसे चक्रवात से पूर्व बरती जाने वाली सावधानी का टैक्स्ट मैसेज, सभी संभावित प्रभावित जिलों में शुरू किए गए कंट्रोल रूम के फोन नंबर और टेलीविजन कमर्शियल को वीडियो फॉर्मेट में व्हाट्सएप मैसेज के जरिए भेजा गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने निम्नानुसार विशेष कम्यूनिकेशन प्लान भी तैयार किया है।

इन व्यवस्था से संचार व्यवस्था संभालने की कोशिश

सभी 33 जिलों का जी-स्वान टेलीफोन हॉटलाइन के साथ संपर्क, कुल 12 लैंडलाइन टेलीफोन संपर्क, हेल्पलाइन नंबर 079-232-51900,वीसैट (VSAT) फोन/ सैटेलाइट फोन की व्यवस्था, टेलीफोन निर्देशिका अपडेट की गई है, एनडीआरएफ द्वारा सैटेलाइट फोन, क्विक डिप्लॉयमेंट एंटेना, अत्यधिक हाई फ्रीक्वेंसी वाली SET, हाई फ्रीक्वेंसी SET जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, एसडीआरएफ (गृह विभाग) की ओर से अत्यधिक हाई फ्रीक्वेंसी SET उपलब्ध कराए गए हैं, राज्य सरकार ने टेलीकॉम ऑपरेटरों जियो, बीएसएनएल, वोडाफोन को सभी 743 टावरों को पर्याप्त पावर बैक अप बनाए रखने का निर्देश दिया है, कच्छ, जामनगर, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, मोरबी और राजकोट जिले में हेम रेडियो स्टेशन स्थापित किए गए हैं।

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