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Ranchi: नवयुग कंपनी लिमिटेड के साथ क्यू कांप्लेक्स निर्माण के लिए होगा एमओयू, 120 करोड़ देने का आग्रह

रांची:(Ranchi) झारखंड हाई कोर्ट के हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में गुरुवार को देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर के निकट क्यू कॉम्प्लेक्स के फेज दो का निर्माण को जल्द कराने को लेकर सांसद निशिकांत दुबे की जनहित याचिका की सुनवाई हुई। मामले में राज सरकार की ओर से प्रति शपथ पत्र दाखिल किया गया।

कोर्ट को बताया गया कि 26 मई को एक बैठक हुई थी। इसमें भवन निर्माण विभाग के सचिव, पर्यटन सचिव, पर्यटन निदेशक, झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यपालक निदेशक एवं नवयुग कंपनी के प्रतिनिधि शामिल थे। इसमें तय हुआ कि क्यू कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए नवयुग कंपनी के साथ एमओयू साइन होगा।

बताया गया कि छह जून को टूरिज्म विभाग की ओर से नवयुग कंपनी को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें कंपनी से कुछ जानकारी मांगी गई थी लेकिन कंपनी की ओर से अभी तक कोई जवाब पर्यटन विभाग को नहीं मिल सका है। पर्यटन विभाग ने नवयुग कंपनी से पूछा है कि वह किस एजेंसी से क्यू कांप्लेक्स का निर्माण कार्य पूरा कराएगी तथा उस एजेंसी का वर्क एक्सपीरियंस, पिछले कार्य का अनुभव का रिकॉर्ड भी मांगा गया है।

मामले की अगली सुनवाई छह जुलाई निर्धारित की। साथ ही याचिकाकर्ता को सरकार के जवाब पर अपना प्रत्युत्तर देने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पार्थ जालान एवं शिवानी जालुका ने पैरवी की। वहीं राज्य सरकार की ओर से पीयूष चित्रेश ने पैरवी की।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा था कि नवयुग कंपनी लिमिटेड के द्वारा सीएसआर के तहत क्यू कॉम्पलेक्स के द्वितीय फेज के निर्माण के लिए 120 करोड़ देने के आग्रह पर क्या निर्णय हुआ? इस पर राज्य सरकार को शपथ पत्र दाखिल करने को कहा गया था।

सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दाखिल जनहित याचिका में कहा गया है कि बाबा बैजनाथ मंदिर, देवघर के लिए क्यू कॉम्प्लेक्स के दूसरे फेज का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से अपने अंशदान के रूप में 25 करोड़ रुपये की राशि दे दी गई है लेकिन राज्य सरकार की ओर से भी अपने हिस्से का फंड उपलब्ध नहीं कराया गया है। नवयुग कंपनी लिमिटेड ने सीएसआर स्कीम के तहत क्यू कॉम्प्लेक्स के द्वितीय फेज के निर्माण के लिए अपने स्तर से 120 करोड़ देने को लेकर सरकार को पत्र लिखा है।

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