चार आरोपितों को न्यायालय में पेश कर पुलिस ने मांगा रिमांड
उज्जैन : शहर के कमल कालोनी निवासी चार वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या के चार आरोपितों को शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में बनी विशेष अदालत में पेश किया गया। यहां से महिला (आरोपितों की मां) को जेल भेज दिया गया, जबकि तीन आरोपितों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया। कोर्ट परिसर में आरोपितों के साथ मारपीट किए जाने की आशंका को लेकर कंट्रोल रूम में विशेष कोर्ट बनाया गया था। वहीं, शुक्रवार शाम को पुलिस और नगर निगम की टीम ने आरोपितों के अवैध मकान को जमींदोज कर दिया। नगर निगम कर्मचारियों ने मकान तोड़ने से पहले सारा सामान निकालकर सड़क पर रख दिया। इस दौरान घर में बड़ी मात्रा में महंगी शराब की बोतलें भी मिली हैं।
पुलिस के अनुसार, कमल कालोनी निवासी रामसिंह राणा की चार वर्षीय बच्ची राजनंदनी मंगलवार को घर के बाहर बहनों के साथ खेल रही थी। कुछ देर बाद वह लापता हो गई। परिजनों ने चिमनगंज थाने में शिकायत की थी। बुधवार रात बालिका का शव वाल्मीकि धाम आश्रम के पास स्थित नाले के समीप बोरे में मिला। एफएसएल अधिकारी डा. प्रीति गायकवाड़ ने बताया कि बालिका का मुंह व नाक दबाकर हत्या की गई है। हाथों में नीलेपन के निशान मिले। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने शव फेंकने वाले आरोपित विक्की ठाकुर को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के बाद बालिका के पड़ोसी युवक अजय, उसकी बहन रानू व मां निर्मला बाई को हिरासत में लिया गया। तीनों ने बताया कि बालिका गलती से उनके घर में बनी हौज में गिर गई थी। हत्या के आरोप के डर से शव फिंकवाया था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह दबाकर हत्या करने की बात सामने आई।
पुलिस ने शुक्रवार शाम चारों आरोपितों को न्यायाधीश के समक्ष पेश कर रिमाण्ड मांगा। न्यायालय में पेश करने की तैयारी पुलिस ने कर ली थी, लेकिन मौके पर वकिलों में भारी आक्रोश था। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक यादव ने कहा था कि कोई भी वकील आरोपितों का केस नहीं लड़ेगा। इधर सुरक्षा कारणों से न्यायाधीश पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और वहीं सीएसपी कक्ष में कोट लगाकर न्यायालयीन प्रक्रियाएं पूरी की गई। इसके बाद पुलिस चारों आरोपितों को पुन: लेकर रवाना हो गई। न्यायालय ने आरोपित मां को जेल भेज दिया, वहीं एक का जेआर तथा तीन का पीआर पुलिस को सौपा है।
गुरुवार को राजनंदिनी के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टर्स की पेनल ने किया था। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया था कि मौत प्राकृतिक नहीं है। हत्या करने के बाद पानी के होद में शव को डाला गया था। इसके कारण कुछ सबूत मिट गए हैं। वहीं एसपी सचिन अतुलकर ने प्रेस रिलिज जारी करके स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतिका की मृत्यु का कारण मुंह दबाकर हत्या करना प्रथमदृष्ट्या पाए जाने पर धाराएं बढ़ाई गई है। इसी प्रकार विसरा, स्लाइड एफएसएल जांच हेतु भिजवाई है। घटना में चार संदेही आरोपित को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। इनसे विधिवत पूछताछ करने के बाद सूक्ष्मता से साक्ष्य एकत्रित किए जाएंगे। आरोपित इसे हादसा बताने का प्रयास कर रहे हैं।


