जयपुर : झोटवाड़ा थाना इलाके में कैबिनेट मंत्री महेश जोशी के नाम से एक व्यक्ति को बोर्ड या निगम का चेयरमैन बनाने का झांसा देकर 50 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित संजय नगर निवासी विलायत ने झोटवाड़ा थाने में मामला दर्ज करवाया है कि परिचित सिराज के जरिए वर्ष 2019 में देहरादून निवासी नित्तम शर्मा से जान पहचान हुई। जिसने खुद को मंत्री महेश जोशी का समधी बताया। दो साल तक संपर्क में रहने के बाद नित्तम शर्मा से बुआ के बेटे फतेहपुर निवासी आबिद अली (4-5 बार पार्षद रह चुके) के लिए बात कि उसे किसी बोर्ड या निगम में चेयरमैन बनवा दो। इस पर नित्तम ने मंत्री महेश जोशी से मिलवा दिया। वापस लौटने के दौरान बोला कि इसके लिए 70 लाख से 1 करोड़ रुपए लगेंगे। दिसंबर 2021 में नित्तम ने देहरादून में 35 लाख और मई 2022 में जयपुर स्थित पीड़ित के घर से 15 लाख रुपए ले लिए। कुछ समय बाद सरकार ने बोर्ड व निगम में नियुक्तियों की सूची जारी कर दी, लेकिन आबिद का नाम नहीं आया। वहीं पीडित धोखाधड़ी की आंशका होने पर 26 मई 2023 को महेश जोशी के बंगले पर गया। जहां पर महेश जोशी से मिल कर कहा कि नित्तम शर्मा जो आपके समधी है तो उन्होंने पहचाना नहीं। जिस पर पीड़ित ने कहा कि उत्तराखंड वाले नित्तम की बात कर रहा है ।
महेश जोशी ने कहा कि वह उनके समधी नहीं। उन्हें नहीं पता तुम या तो नित्तम शर्मा से बात करो या पुलिस में शिकायत करो। आखिर पीड़ित ने 2 जून को मामला दर्ज करवाया। इधर पूरे मामले पर महेश जोशी ने कहा कि उनका कोई समधी नहीं है। उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाने की भी कहा था। उन्होंने खुद पुलिस कमिश्नर को लिखा। अगर यह पीड़ित है तो उसकी जांच और उसको भी न्याय मिलें।


