गुवाहाटी : पूर्वोत्तर सीमा रेल (पूसीरे) ने रोलिंग स्टॉक के उचित रख-रखाव और ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन की दिशा में कई पहल की हैं। इस तरह की पहल के परिणामस्वरूप रोलिंग स्टॉक की दक्षता और सुरक्षा में साल दर साल वृद्धि हुई है। ये उपाय पूसीरे के कर्मचारियों के सूझबूझ, निरंतरता एवं संबंधित प्रयासों से संभव हुए हैं।
पूसीरे के सीपीआरओ सब्यसाची डे ने आज बताया है कि यात्री सुरक्षा और सुखद यात्रा में सुधार के उद्देश्य से, पूसीरे ने मौजूदा पारंपरिक रेक को लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) तकनीक वाले रेक में बदलकर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बेहतर यात्री सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए डेमू का प्रसार भी किया गया है। इन आधुनिक कोचों की शुरुआत के साथ, समय-समय पर रखरखाव की पद्धति और क्षमता में वृद्धि की जाती है। रोलिंग स्टॉक कारखानों और रोलिंग स्टॉक के सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए परीक्षण प्वाइंट पर उन्नत रखरखाव और ओवरहॉलिंग की जा रही है।
रोलिंग स्टॉक की सुरक्षा बढ़ाने के लिए, हाई स्पीड एलएचबी कोचों की आवधिक ओवरहालिंग (पीओएच) 2021-22 में 353 कोचों से बढ़कर 2022-23 में 573 कोच किया गया है, यानी 62 प्रतिशत की वृद्धि। आग से होने वाली किसी भी अव्यवहारिक घटना को रोकने के लिए एसी एलएचबी कोच को ऑटोमेटिक स्मॉक एवं फायर डिटेक्शन विथ ब्रेकिंग सिस्टम (एफडीबीएस) से लैस किया गया है। आग या धुएं की स्थिति में यह सिस्टम आग का जल्दी पता लगा लेगा और अलार्म बजा देगा, जिसके परिणामस्वरूप कोच के नीचे दिए गए ब्रेक वाल्व के माध्यम से ब्रेक लगाया जाएगा। 2022-23 के दौरान, 49 एलएचबी एसी कोच एफडीबीएस के साथ लगाये गये हैं। इसी तरह, एलएचबी कोचों के पेंट्री और पावर कार में ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन कम सप्रेशन सिस्टम (एफडीएसएस) स्थापित किये गये है। यह प्रणाली अग्निशमन एजेंट जैसे पानी, झाग या रासायनिक एजेंटों के उपयोग के माध्यम से आग बुझाने के लिए बनाई गई है।
रखरखाव के लिए किए गए विभिन्न कार्यों से न केवल रेलवे परिचालन की संरक्षा में सुधार होगा, बल्कि ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी लाभ होगा। उन्नत बुनियादी ढांचे की शुरुआत के साथ यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान किया जाएगा।


