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New Delhi : नौकरी दिलवाने का झांसा देकर करता था ठगी, गिरफ्तार

नई दिल्ली : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक ठग को रोहिणी साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान प्रदीप के रूप में हुई है। आरोपित के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दो मोबाइल फोन और बैंक खाते की चेक बुक बरामद की है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीते 24 अप्रैल को साइबर थाना पुलिस को बदल सिंह नामक व्यक्ति से शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह एक विधायक के पास काम करता है। उसके सचिव के पास एक फोन आया था। कॉलर ने खुद को एसबीआई से बताया था। उसने बताया कि ब्रांच में कुछ नौकरियां खाली हैं।

सचिव ने कॉलर को उसका फोन नंबर दे दिया। उसके पास अंजान नंबर से फोन आया। उसे भी अपने बेटे और बेटी के लिये नौकरी की तलाश थी। कॉलर ने उसको मामले की जानकारी देकर नौकरी के लिए दस्तावेज मांगे। कॉलर ने कई चीजों के नाम पर पचास हजार रुपये जमा करवा लिये। कॉलर ने उसे आश्वासन भी दिया कि दो-तीन दिन में ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा। लेकिन, उन्हें कोई ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला और फोन करने वाले का नंबर स्विच ऑफ मिला।

शिकायतकर्ता को पता चल गया कि फोन करने वाले ने उसके साथ धोखा किया है। पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता से आरोपित के फोन नंबर,बैंक खाता आदि की डिटेल ली। बैंक खातों की जांच करने पर खाताधारी आशु पता चला। जो आरोपित प्रदीप का सगा भाई था। पुलिस टीम ने प्रदीप को लखनऊ के जानकीपुरम में छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपित अपने भाई आशु के साथ मिलकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर मासूम लोगों को ठगता था। आशु लोगों को बुलाता था और उसका भाई प्रदीप बैंक से पैसे वसूल करता था। जांच के दौरान आरोपित प्रदीप के कब्जे से दो मोबाइल फोन जिसमें कॉलिंग सिम का इस्तेमाल किया गया था और कथित लाभार्थी के बैंक खाते की चेक बुक बरामद की गई।

पूछताछ में आरोपित प्रदीप ने खुलासा किया कि दोनों ने एक जैसे तरीके से कई भोले-भाले लोगों को ठगा है। इस कथित बैंक खाते के खिलाफ कई शिकायतें हैं। इसके अलावा, यह भी पाया गया कि अन्य सह-आरोपित आशु को भी पहले इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार किया गया था। आरोपित प्रदीप वह 9वीं तक पढ़ा है। वह शादीशुदा है और उसके चार बच्चे हैं।

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