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Washington: चीन के खतरे पर नजर, हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भारत और अमेरिका का जोर

वाशिंगटन:(Washington) चीन का खतरा भारत और अमेरिका, दोनों देश महसूस कर रहे हैं। इस माह भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र की समृद्धि और सुरक्षा के मुद्दे पर अहम बातचीत होगी।

भारत के प्रधानमंत्री मोदी 21 जून से अमेरिका यात्रा पर रहेंगे। दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से इस दौरे को काफी अहमियत दी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति के आवास व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन जीन पियरे ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसमें मुक्त, समृद्ध और सुरक्षित हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत करने पर बात होगी। रक्षा क्षेत्र को लेकर भी बात होगी। साथ ही अक्षय ऊर्जा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी बातचीत होगी।

उल्लेखनीय है कि मोदी और बाइडन के बीच इंडोनेशिया में द्विपक्षीय बातचीत हुई थी। उस बैठक में दोनों देशों के बीच भविष्य के लिए अहम और उभरती हुई तकनीक और आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग करने पर सहमति बनी थी। मोदी के आगामी अमेरिका दौरे पर इस क्षेत्र में भी कुछ अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि रक्षा क्षेत्र के साथ अमेरिका अब अंतरिक्ष में भी चीन की चुनौतियों पर खास ध्यान दे रहा है। इसी के चलते वह अपनी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और भारत की इसरो के बीच समन्वय बिठाने की कोशिश में है। मोदी की अमेरिका यात्रा में इस क्षेत्र में रिश्तों की मजबूती पर भी जोर दिया जाएगा।

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