जयपुर : राजस्थान हाईकोर्ट के सीजे ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून आमजन को मिला महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार है। इस ई-आरटीआई पोर्टल से सुनिश्चित करना होगा कि आम जनता को मिला यह अधिकार जटिल कानूनी कार्यवाही और लंबी प्रक्रियाओं में ही उलझ कर नहीं रह जाए। सीजे मसीह हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट के लिए नव विकसित ई-आरटीआई पोर्टल के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। सीजे मसीह ने कहा कि सभी न्यायिक अधिकारियों को अपने दैनिक न्यायिक कार्यों में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए।
इस मौके पर जस्टिस एमएम श्रीवास्तव ने कहा कि इस पोर्टल की सफलता न केवल इसके तकनीकी कौशल पर, बल्कि इसके प्रभावी उपयोग के लिए हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता पर भी निर्भर करेगी। उन्होंने पोर्टल के प्रत्येक स्टैक होल्डर को कहा कि वे इस डिजिटल परिवर्तन को अपनाते हुए ई-आरटीआई पोर्टल का पूरी क्षमता से उपयोग करें। जस्टिस श्रीवास्तव ने विश्वास जताया कि यह पोर्टल देशभर के अन्य संस्थानों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनेगा। कार्यक्रम में वीसी से जोधपुर से जुडे जस्टिस अरुण भंसाली ने कहा कि पोर्टल न केवल आरटीआई आवेदन दाखिल करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि सूचना प्रसार की गति और सटीकता को भी बढाएगा। यह ऐसे मंच के रूप में काम करेगा, जहां लोग आवेदन प्रस्तुत करने के साथ ही ऑनलाइन शुल्क जमा और आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल चंद्र प्रकाश श्रीमाली, रजिस्ट्रार कम प्रिंसिपल सेक्रेटरी ब्रजेन्द्र कुमार जैन और सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित लोक सूचना अधिकारी वीसी के जरिए शामिल हुए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में प्रवासी लीगल सेल बनाम भारत संघ व अन्य के मामले में देश के सभी हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों के लिए आरटीआई के तहत ई-पोर्टल की स्थापना करने को कहा था। इस पोर्टल का लिंक हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।


