spot_img

Lucknow : दो माह में 9.15लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह बनाकर, ग्रामीण महिलाओं को उनसे जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में 2 माह में 9.15लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के मार्ग को प्रशस्त किया जा रहा है। प्रदेश में 84 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को आजीविका मिशन के तहत आच्छादित कर इन परिवारों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक उन्नयन की ओर बहुत तेजी के साथ अग्रसर किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में स्वयं सहायता समूहों के तहत ग्रामीण परिवारों को जोड़ने के लक्ष्य को लेकर जनपदवार, क्षेत्र वार माइक्रोप्लानिंग के आधार पर रणनीति बनाकर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। सभी जनपदों को जन जागरूकता अभियान, कार्यशाला, प्रभात फेरी तथा मिशन के प्रशिक्षित कैडर की सहभागिता से 20 सितम्बर 2023 तक शत प्रतिशत गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संतृप्त करने का लक्ष्य मिशन मोड में किये जाने के निर्देश निर्गत किये जा चुके हैं।

गौरतलब है कि अन्त्योदय के लक्ष्य की दिशा में अंतिम पायदान पर स्तिथ ग्रामीण गरीब परिवार को दीन दयाल अन्त्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) अंतर्गत आच्छादित किये जाने की दिशा में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सामाजिक लामबंदी जागरूकता अभियान द्वारा 20 सितम्बर 2023 तक प्रदेश के 1.18 करोड़ ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों संतृप्त किये जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 84 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को 7.59 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आच्छादित किया जा चुका है ।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन की निदेशक सी. इन्दुमती ने बताया किवर्ष 23-24 में सभी लक्षित 2.83 लाख स्वयं सहायता समूह के 40 लाख से अधिक सदस्यों को मिशन स्तर पर लाभान्वित किये जाने हेतु सामुदायिक सपोर्ट धनराशि उपलब्ध कराये जाने हेतु युद्ध स्तर पर तैयारी प्रारम्भ की जा चुकी है।

Explore our articles