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Lucknow : स्वस्थ समाज के लिए ग्रीन बेल्ट और तालाबों को पुनर्जीवित करना अनिवार्य: डॉ.एम.खालिद

प्रत्येक व्यक्ति आदतों में बदलाव लाकर पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं : डाॅ0 मनोरमा सिंह

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर इग्नू ने आयोजित की वेबिनार

लखनऊ : इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ एवं इग्नू अध्ययन केन्द्र श्री जय नारायण पी0जी0 काॅलेज के संयुक्त तत्वाधान में सोमवार को एक वेबिनार का आयोजन किया गया। ‘स्वस्थ समाज हेतु सतत् पर्यावरण’ विषय पर आयोजित वेबिनार में वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने-अपने विचार रखें। वेबिनार का प्रारम्भ विश्वविद्यालय के कुलगीत द्वारा किया गया। प्रिया उपाध्याय द्वारा सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की गयी।

क्षेत्रीय केन्द्र की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डाॅ0 मनोरमा सिंह ने अपने स्वागत सम्भाषण में कहा कि पर्यावरण को बचाना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है, हम अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं। जैसे पौधारोपण करना, जल को संरक्षित करना, प्लास्टिक के प्रयोग से बचना भारतीय संस्कृति के अनुरूप व्यवहार करना, जैविक खेती के उत्पादों को बढ़ावा देना, योग एवं व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाना इत्यादि।

मुख्य वक्ता पर्यावरणविद् डॉ0 एम0 ए0 खालिद अपने सम्बोधन में युवाओं के सक्रियता को महत्वपूर्ण बताया तथा पर्यावरण बचाने के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रयासों को महत्वपूर्ण माना। डाॅ0 खालिद ने बताया कि किसानों को अपने क्षेत्र की जलवायु के आधार पर वाणिज्यिक खेती करके अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। सूखाग्रस्त क्षेत्र के किसान भी अपनी मेहनत से खेती को उन्नत बनाने के उदाहरण भारतवर्ष में हैं। स्वच्छता को कायम रखने के लिए समाज के लोगों को सामूदायिक स्तर पर प्रयास करने जरूरी हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना होगा एवं पहले से लगे वृक्षों को संरक्षित करना होगा, तभी स्वस्थ समाज की कल्पना सत्य साबित होगी। आधुनिक समाज में जमीन के अभाव में भी गमलों एवं छतों पर वृक्षारोपण सम्भव है। स्वस्थ समाज के लिए कालोनियों का निर्माण करते समय ग्रीन बैल्ट का निर्माण करना अनिवार्य है। अनावश्यक रूप से पेट्रोल-डीजल के खर्च से बचना चाहिए। तालाबों को पुनर्जीवित करके जलस्तर को बचाया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन सहायक क्षेत्रीय निदेशक डाॅ0 रीना कुमारी ने किया। इग्नू द्वारा संचालित पर्यावरण से सम्बन्धित पाठ्यक्रमों के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए डाॅ0 रीना ने बताया कि पर्यावरण अध्ययन में एम0ए0, पी0जी0 डिप्लोमा (पर्यावरण एवं सतत् विकास), पर्यावरण अध्ययन में प्रमाण पत्र, पर्यावरण विज्ञान में एम0एस0सी0, पी0जी0 डिप्लोमा (पर्यावरणीय एवं व्यवसायिक स्वास्थ्य), पी0जी0 प्रमाण-पत्र (जलवायु परिवर्तन), एक्वा कल्चर में डिप्लोमा, जल प्रबन्धन में डिप्लोमा, बागवानी में डिप्लोमा इत्यादि पाठ्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। इग्नू द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु अन्तिम तिथि 30 जून 2023 है।

इस अवसर पर समन्वयक डाॅ0 परवीन कुमार एवं सह-समन्वयक डाॅ0 तिरमल सिंह, डाॅ0 ब्रिजेश चन्द्र त्रिपाठी, इग्नू अध्ययन केन्द्र जय नारायण पी0जी0 काॅलेज, लखनऊ एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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