दो से सात लाख में हुआ विभिन्न पदों पर नौकरी लगाने का वादा
पैसे वापिस मांगे तो मिली हत्या की धमकी, चार पर केस दर्ज
हिसार : स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर नौकरी लगवाने के नाम पर 31 युवाओं से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में लोअर डिवीजन क्लर्क व मल्टी टास्किंग स्टाफ के पदों पर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया और हर युवा से दो लाख से सात लाख रुपये तक लिए। फ्रॉड का पता चलने पर जब युवाओं ने पैसे वापिस मांगे तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
ठगी का शिकार होने वालों में सतपाल यादव, मूर्ति, दर्शन, सुमित्रा, सुभाष, रवि, अमित, राकेश चांग, धीरज चांग, अशोक, प्रवीण, प्रमोद, अजय, सरजीत, संजू, मनजीत, विकास, अंकित, पुष्कर, नीरज, मनोज, संदीप, जितेश शर्मा, जयबीर सिंह, वसीम खान, प्रदीप कुमार, साहिल कुमार गुरेरा, कृष्ण, सोमबीर, जयसिंह, कुलदीप से सारी राशि कैश और ऑनलाइन नितिन, प्रभात और निशांत शर्मा को मनीष और बलवंत की मौजूदगी में रॉयल प्लाजा होटल हिसार में अलग-अलग तिथि को राशि ली गई। ठगी के शिकार लोग राजस्थान, भिवानी, चरखी दादरी और पानीपत के रहने वाले हैं। भिवानी के अशोक, आशीष, राकेश, सूबे सिंह, मास्टर इंद्रजीत, जगदीश और सीताराम ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उन्हें बलवंत और मनीष ने नितिन, प्रभाव और निशांत शर्मा से मिलवाया था। नितिन, प्रभाव और निशांत शर्मा ने उन्हें कहा कि उनकी स्वास्थ्य विभाग के सभी अस्पतालों में अच्छी जानकारी है। इसलिए वे एलडीसी, जीएनएम व एमटीएस के पदों पर नौकरी लगवा देंगे। उन्होंने एलडीसी के लिए सात लाख, एमटीएम के लिए चार लाख और जीएनएम के लिए तीन लाख रुपए मांगे। साथ ही झांसा दिया कि वे अगर लड़के लेकर आएंगे तो उन्हें कमीशन दिया जाएगा।
शिकायत के अनुसार आरोपित व्यक्ति उन्हें हिसार के नागरिक अस्पताल लेकर आए और स्टाफ से मिलवाया। उन्होंने कहा कि यहां उन्होंने काफी लड़कों को नौकरी पर लगवाया है। इसके बाद जींद सिविल अस्पताल, रोहतक पीजीआई, अस्पताल के स्टाफ और लड़कों से मिलवाया। इसके बाद उन्होंने हिसार के एक होटल में नितिन, निशांत और विकास को पैसे दे दिए। आरोपितों ने कहा कि अंबाला, हांसी और फतेहाबाद, सिरसा में भी उन्होंने बच्चे लगवाए हैं, वहां और बच्चों की जरूरत है। आरोपितों ने बेरोजगार बच्चों के कागजात दिखाए। उन्होंने हमारे को नेशनल हेल्थ मिशन के कुछ बच्चों के नाम के लैटर भी दिखाए। आरोपितों ने कुछ लड़कों को अस्पतालों में लगवाया, लेकिन वहां उन्हें सैलरी नहीं मिली। शिकायत के बाद पुलिस ने चार लोगों पर केस दर्ज किया है। मामले की छानबीन जारी है।


