नई दिल्ली : विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक से पूर्व चीन और रूस के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय बातचीत की।
डॉ. जयशंकर ने इस मुलाकात की जानकारी ट्विटर के जरिए दी। डॉ. जयशंकर ने लिखा, चीन के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री किन गांग के साथ विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा लंबित मुद्दों को हल करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने पर केंद्रित रही। इसके अलावा एससीओ, जी20 और ब्रिक्स पर भी चर्चा की।
रूसी विदेश मंत्री के साथ हुई मुलाकात पर डॉ. जयशंकर ने कहा कि हमने द्विपक्षीय, वैश्विक और बहुपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने भारत की एससीओ अध्यक्षता के लिए रूस के समर्थन की सराहना की। साथ ही उनके साथ जी20 और ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
इसके अलावा विदेश मंत्री जयशंकर ने उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत के एससीओ अध्यक्ष पद के लिए उज्बेकिस्तान के मजबूत समर्थन की सराहना की। दीर्घकालिक बहुपक्षीय सहयोग को भी मान्यता दी। विश्वास जताया कि विभिन्न क्षेत्रों में हमारी द्विपक्षीय साझेदारी बढ़ती रहेगी।
गोवा में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले विदेश मंत्री ने संगठन के महासचिव झांग मिंग से भी बातचीत की। विदेश मंत्री ने मुलाकात की जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय अध्यक्षता सुरक्षित एससीओ के प्रति प्रतिबद्धता से प्रेरित है।
एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए विदेश मंत्री एक दिन पहले ही गोवा पहुंच गए थे। भारत एससीओ का वर्तमान अध्यक्ष है। एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में हुई थी। एससीओ में इस समय आठ सदस्य देश- भारत, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान हैं।


