बच्चों ने सीखा रद्दी सामानों से उपयोगी वस्तुओं के निर्माण की रचनात्मक कला
नवादा : मॉडर्न स्कूल ग्रुप के तीसरी कक्षा के सैकड़ों नन्हें बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता एवं रचनात्मक गतिविधियों से बेकार एवं रद्दी वस्तुओं की सहायता से रंग-बिरंगी, सुंदर एवं मनमोहक कलाकृतियों का निर्माण कर बेकार वस्तुओं के सदुपयोग के गुण सिखाएं। बच्चों ने पेंसिल को छीलने से निकलने वाले बेकार छिलकों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण करके अपनी रचनात्मकता से सभी को अभिभूत कर दिया। इस गतिविधि को मॉडर्न इंगलिश स्कूल, बिहारशरीफ की हिंदी शिक्षिका प्रियंका प्रसाद के दिशा निर्देशन में विद्यालय की सभी शाखाओं के कला-शिक्षकों एवं तीसरी कक्षा के वर्गशिक्षक की सहायता से आयोजित किया गया।
गतिविधि में भाग लेने वाले तीसरी कक्षा के बच्चों एवं उनकी शिक्षिकाओं के इस बेहतरीन प्रयास की सराहना करते हुए मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक डॉ अनुज कुमार ने शनिवार को कहा कि ऐसे क्रियाकलाप बच्चों में ना सिर्फ रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं बल्कि इसके साथ ही साथ उनके अंदर एकाग्रता एवं सौंदर्यबोध की क्षमता भी उत्पन्न करते हैं। ऐसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के अंदर चीजों के सदुपयोग की प्रवृत्ति भी बढ़ती है। बच्चे ना केवल अपने वस्तुओं को संयोजन एवं सवारने की कला सीखते हैं, बल्कि अपनी चीजों को बेकार फेंक देने के बजाए आसपास के वातावरण में बिखरे व्यर्थ की चीजों के माध्यम से कुछ नया बनाने के लिए भी प्रेरित होते रहेंगे। इससे उनके भविष्य को सकारात्मक दिशा प्राप्त होगी।
बच्चों के द्वारा बनाए गए फ़ल-फूल, गमले, मछली, पौधे, गुलदस्ते आदि एक से बढ़कर एक आकर्षक एवं मनमोहक कलाकृतियों को देखकर विद्यालयों के सीनियर विद्यार्थियों, शिक्षकगण एवं कई अभिभावकों ने खुले दिल से प्रशंसा की और इतनी कम उम्र में बच्चों के द्वारा ऐसी रचनात्मक कलाकारी को देखकर सभी ने आश्चर्य प्रकट करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की हार्दिक कामना की। कबाड़ से जुगाड़ गतिविधि को सफल बनाने में मॉडर्न ग्रुप के शिक्षक-शिक्षकाओं जयराम कुमार, पंकज पांडे, सुमित्रा शुभा, संतोष कुमार, शुभलता, पायल कुमारी, पूनम कुमारी, कृपा, प्रियंका, मनीषा, लकी, मानसी एवं शिवकिंकर मिश्रा आदि ने सक्रिय भूमिका निभाई


