चित्तौड़गढ़ : सीपीएस पद्धति से अफीम की खेती करने वाले किसानों से डोडे लेने का नियम है। इस वर्ष भी सभी किसानों को निर्देश दिया गया था कि वह डोडे लेकर समय पर नारकोटिक्स कार्यालय पहुंचे। पहले गम पद्धति वाले किसानों की अफीम का तौल हो चुका है। खंड दितीय में तो सीपीएस पद्धति के किसानों की और से लाए डोडो का तौल भी हो गया। नारकोटिक्स विभाग के निर्देश है कि इस बार डोडो का चूरा करने के लिए बॉक्स ब्लेयर मशीन का प्रयोग किया जाएगा। लेकिन जिला मुख्यालय पर खंड प्रथम में आने वाले किसानों के डोडो का तौल भी शुरू हो गया लेकिन अभी तक बॉक्स प्लेयर मशीन नहीं पहुंची है। ऐसे में जुगाड़ तकनीक अपनाना पड़ रहा है और थ्रेशर से डोडे को पीसना पड़ रहा है, जिससे कि विभाग का निर्णय था वह सार्थक होता नहीं दिख रहा है।
जानकारी के अनुसार नारकोटिक्स विभाग के प्रथम खंड के सीपीएस (डोडो में बिना चीरा लगाए सौंपना) पद्धति से तौल शनिवार से शुरू हुआ है। वहीं खंड द्वितीय में आने वाले किसानों का तौल खत्म हो चुका है। खंड प्रथम में अब सीपीएस पद्धति का तौल शुरू हुआ है। यह तौल 28 अप्रैल तक किया जाएगा। विभाग अभी भी बॉक्स ब्लेयर मशीन (डोडो को कंप्रेस करने वाली मशीन) का इंतजार कर रहा है, लेकिन मशीन जयपुर से अभी तक नहीं भेजी है। वहीं डोडो को पिसने के लिए विभाग द्वारा थ्रेशर मशीन का उपयोग किया जा रहा है। डोडो को उसमें पीसकर फिर वेयर हाउस में रखा जा रहा है। लेकिन इसमें डोडे का पूरी तरह से चूरा नहीं हो पा रहा है। मशीन से डोडे को पाउडर बनाकर भेजना था। लेकिन मशीन के नहीं आने से डोडे को पाउडर नहीं बनाया जा रहा। जानकारी मिली है कि खंड प्रथम में 23 गांव के 78 किसानों के अफीम डोडे का तौल किया गया। इसके अलावा इन 7 दिनों में कुल 213 गांव के 842 किसानों के डोडो का तौल होगा।
स्पेशल ट्रेन से भेजी एक लाख किलो अफीम
गम पद्धति से तौले गए अफीम को 20 अप्रैल को ट्रेन से गाजीपुर भेजा गया। इसके लिए 20 डिब्बों के साथ एक स्पेशल ट्रेन को बुक कराया गया। इस स्पेशल ट्रेन में 20 बोगी, एक स्लीपर कोच और एक एसएलआर कोच था। इन 20 कोच में 7 कोच चित्तौड़गढ़ के खंड प्रथम और भीलवाड़ा डिवीजन के लिए था। वहीं 6 कोच चित्तौड़गढ़ के सेकंड डिवीजन का था। इस ट्रेन में चित्तौड़गढ़ के प्रथम और द्वितीय डिवीजन के अलावा भीलवाड़ा डिवीजन की भी अफीम भेजी गई। चित्तौड़गढ़ के तृतीय खंड की अफीम नीमच फैक्ट्री भेजी गई है। यह कड़ी सुरक्षा के साथ चंदेरिया स्टेशन तक अफीम को ट्रकों में लोड कर भेजा गया।
हो चुका है करोड़ों रुपयों का भुगतान
चित्तौड़गढ़ के पहले डिवीजन के किसानों को अब तक अफीम के बदले में पांच करोड़ 68 लाख 81 हजार 519 रुपयों का भुगतान कर दिया गया है। इसी तरह सेकंड डिवीजन में पांच करोड़ 34 लाख 96 हजार 900 रुपयों का भुगतान हो चुका है। दूसरे खंड में सीपीएस पद्धति का तौल भी हो चुका है। कुल 101 गांव के 501 किसानों के से डोडे लिए जा चुके हैं। विभाग ने किसानों से 32510.700 किलो डोडे ले लिए हैं। इसके बदले में किसानों को 65 लाख 21 हजार 140 रुपयों का भुगतान किया जा चुका है।


