मुंबई: (Mumbai) मनोज बाजपेयी आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे है। मनोज की गिनती हिंदी फिल्मों के धाकड़ अभिनेता माने जाते है। शूल, सत्या, इंतकाम, गैंग्स ऑफ वासेपुर, भोसले और फैमिली मैन सीरीज जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। द्रोहकाल से अपना डेब्यू करने के बाद मनोज को सत्या फिल्म से सफलता मिली लेकिन उन्हें वो तमगा नहीं मिल पाया जिसके वे हकदार है। ओटीटी और सोशल मीडिया जैसे प्लेटफॉर्म के आने के बाद दर्शकों ने मनोज बाजपेयी के असली टैलेंट को पहचाना। अब वे अपने करियर के पीक पर है। मनोज बाजपेयी ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए 17 साल की उम्र में दिल्ली चले गए। वहां उन्हें NSD के बारे में पता चला। उन्होंने उसके लिए वहां 3 बार अप्लाय किया और हर बार रिजेक्ट हुए। इस रिजेक्शन से पूरी तरह से टूट गए थे, जिस वजह से उन्हें सुसाइड के ख्याल आने लगे थे। दोस्त इस वजह से उन्हें अकेला नहीं छोड़ते थे। बाद में दोस्तों और करीबियों के समझाने पर मनोज ने बैरी ड्रामा स्कूल से बैरी जॉन के साथ थिएटर कर एक्टिंग सीखी। उनके पिता किसान थे और मां गृहणी। छुट्टियों के दिनों में मनोज भी पिता के साथ खेती करते थे। बचपन से ही वो एक्टर बनना चाहते थे। उधर पिता की कमाई भी ज्यादा नहीं थी, इस वजह वो अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा नहीं दे पा रहे थे। हालांकि जैसे-तैसे उन्होंने मनोज को पढ़ाया।


