जयपुर : जिला उपभोक्ता आयोग, तृतीय ने उपभोक्ता को खराब एसी बेचने को अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस करार देते हुए विक्रेता डीलर व एसी निर्माता कंपनी पर 20 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। आयोग ने दोनों विपक्षी को निर्देश दिया है कि वह परिवादी को एसी के लिए भुगतान की गई राशि 40 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाए। वहीं परिवादी खराब एसी को वापस कंपनी को दे। आयोग के अध्यक्ष देवेन्द्र मोहन माथुर व सदस्य सीमा शर्मा ने यह आदेश विक्रम सिंह शेखावत के परिवाद पर दिए।
परिवाद में कहा गया कि उसने 31 मार्च 2019 को एलजी कंपनी का 1.5 टन का एसी कंपनी के रिटेलर से खरीदा था। लेकिन कुछ महीने बाद ही उसमें तकनीकी खराबी आ गई और वह आवाज करने लगा, कूलिंग नहीं की और अपने आप ही बंद होने लगा। कंपनी के कस्टमर केयर में एक जून 2019 को इसकी शिकायत करने पर उनके इंजीनियर ने कंप्रेशर में खराबी बताई और गैस भरकर चला गया, लेकिन फिर भी एसी सही नहीं हुआ। कई बार शिकायत करने पर कंपनी का इंजीनियर एसी के कुछ पार्ट बदलकर कर चला गया, लेकिन इसके बाद भी एसी सही नहीं हुआ। जिस पर परिवादी ने निर्माता कंपनी व रिटेलर के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर कर एसी की राशि हर्जा-खर्चा सहित लौटाने का आग्रह किया।


