जयपुर : जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में बुधवार को हो रहे आईपीएल के 26वें मुकाबले से पहले वीआईपी खेलप्रेमियों की मैच देखने की उम्मीद टूटते-टूटते बच गई। स्टेडियम में खेल विभाग के कार्यालय की विंग में बॉक्स और छत पर सीट्स लगाकर वीआईपी पास-टिकट वितरित करने पर खेल मंत्री अशोक चांदना नाराज हो गए और उनके निर्देश पर कार्यालय की तरफ आने वाली सीढ़ियों के गेट पर ताले जड़ दिए गए। इससे विवाद की स्थिति बन गई। विवाद के बीच खेल मंत्री चांदना की पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स प्रबंधन की ओर से अपनी गलती स्वीकारने और खेल विभाग से आगामी मैच से पहले अनुमति लेने तथा निर्धारित शुल्क जमा करवाने के आश्वासन पर खेल मंत्री राजी हो गए और मैच देखने के लिए क्रिकेटप्रेमियों को स्टेडियम में प्रवेश दिया गया।
जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में बुधवार को आईपीएल का 26वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपरजाइंट्स के बीच खेला जा रहा है। इसके लिए स्टेडियम के बाहर फैन्स की लाइन शाम पांच बजे से लगना शुरू हो गई। लोग बड़ी संख्या में मैच देखने के लिए पहुंचे। जिन्हें एक-एककर एंट्री दी गई। शाम 7.30 बजे मैच शुरू हो गया। मैच से पहले खेल मंत्री अशोक चांदना राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेल विभाग के कार्यालय की विंग में बॉक्स और छत पर 913 सीट्स लगाकर यहां के पास और टिकट वितरित करने से गुस्सा हो गए। उनके निर्देश पर कार्यालय की तरफ आने वाली सीढ़ियों के गेट पर ताले जड़ दिए गए। इसको लेकर विवाद शुरू हो गया।
मैच शुरू होने से पहले पास धारक और टिकट धारक दर्शक भी स्टेडियम पहुंचने शुरू हो गए। बाहर खेलप्रेमियों की भीड़ बढ़ती देख पुलिस प्रशासन की ओर से यहां मौजूद यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई और चांदना समर्थकों को बाहर निकालने के लिए पुलिस प्रशासन कार्यालय पहुंचा। इस दौरान मंत्री अशोक चांदना और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। चांदना ने स्पष्ट किया कि राजस्थान रॉयल्स की ओर से पूरे स्टेडियम में एमओयू के इतर निर्माण करते हुए विभागीय कार्यालय की विंग और छत पर भी सीट्स लगा दी गई है। स्टेडियम में कई जगह स्थायी निर्माण किए गए हैं। उन्होंने कहा कि खेल विभाग आरसीए और मैच के विरोध में नहीं है, लेकिन राजस्थान रॉयल्स एक प्राइवेट संस्था है, जो न तो यहां कोई सामाजिक कार्य कर रही है और न ही चैरिटी का काम कर रही हैं। ये तो पैसे कमाने का काम कर रही है। ऐसे में राजस्थान रॉयल्स स्थायी निर्माण को लेकर यदि अनुमति लेकर जायज भुगतान कर देती है तो उसे अनुमति दे दी जाएगी।
कुछ समय बाद ही राजस्थान रॉयल्स और खेल विभाग के बीच सहमति बन गई। राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर राजीव खन्ना ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि अगले मैच से पहले स्थायी निर्माण और विभागीय कार्यालय की विंग व छत पर किए गए निर्माण को लेकर परमिशन ले ली जाएगी। साथ ही जो भी संबंधित भुगतान शेष है, उसे भी चुका दिया जाएगा।


