
पंजाब चुनाव के लिए फंड नहीं देने पर आला अधिकारियों को तलब किए जाने को भी महत्व
नई दिल्ली: (New Delhi) सरहद उस पार पाकिस्तान से गुरुवार को प्रकाशित अधिकांश समाचारपत्रों ने न्यायालय सुधार बिल के खिलाफ आए आवेदनों पर सुनवाई के लिए लार्जर बेंच के गठन को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अता उमर बिंदयाल की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय लार्जर बेंच का गठन किया गया है। पाकिस्तान बार काउंसिल ने 8 सदस्यीय बेंच के खिलाफ आज हड़ताल का ऐलान किया है।
अखबारों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के जरिए न्यायालय सुधार बिल पर विचार-विमर्श के लिए वरिष्ठ नेताओं की आज बैठक बुलाए जाने की खबरें दी हैं। प्रधानमंत्री का कहना है कि मुश्किलों से निकलेंगे और हम न्यायालय सुधार बिल की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। बार काउंसिल का कहना है कि यह बेंच जल्दबाजी में गठित की गई है। हड़ताल में सिंध, पंजाब, खैबरपख्तूनख्वा के वकीलों के संगठनों और बार काउंसिल के शामिल होने की भी खबरें हैं।
इसके साथ ही अखबारों ने पंजाब विधानसभा चुनाव कराने के लिए फंड नहीं उपलब्ध कराने के मामले में आला अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट में तलब किए जाने को भी महत्व दिया है। इस मामले में अटॉर्नी जनरल, गवर्नर स्टेट बैंक, इलेक्शन कमीशन, सेक्रेटरी वित्त मंत्रालय को नोटिस भेजा गया है।कुछ अखबारों ने विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की कश्मीर में आजादी का आंदोलन चला रहे नेताओं से मुलाकात की खबरें छापी हैं। इसमें पीपीपी के इन दोनों नेताओं ने स्थिति पर चर्चा की है। अखबारों ने हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं का एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत श्रीनगर में जी-20 की बैठक बुलाकर कश्मीर पर दुनिया को गुमराह करना चाहता है।
अखबारों ने पीटीआई चेयरमैन इमरान खान का एक बयान छापा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि मेरे सिक्योरिटी इंचार्ज का अपहरण कर लिया गया है। लंदन का प्लान पीटीआई को कुचलना है। नवाज शरीफ बहादुर नहीं, बुजदिल आदमी है। अदालतों को विवादित बनाया जा रहा है। चुनाव ही लोकतंत्र को स्थापित करने का बेहतरीन हल है।कुछ समाचारपत्रों ने भारत के पंजाब स्थित मिलिट्री कैंप में हुई फायरिंग में चार जवानों के शहीद होने की खबरें देते हुए बताया है कि इसमें पुलिस ने आतंकवादी हमले की किसी भी संभावना से इनकार किया है। यह सभी खबरें रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा दुनिया, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा जंग और रोजनामा औसाफ आदि ने अपने पहले पन्ने पर प्रकाशित की हैं।
रोजनामा जंग ने भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से पाकिस्तान के साथ राजनीतिक संबंधों को अपग्रेड करने की किसी योजना से इनकार किए जाने की खबर प्रकाशित की है। एक भारतीय वरिष्ठ राजनयिक के हवाले से स्पष्ट किया गया है कि किसी तीसरे देश के जरिए पाकिस्तान और भारत के संबंधों को बेहतर बनाने में मध्यस्थता की भूमिका नहीं निभाई जा रही है। पाकिस्तान ने ना तो भारतीय हाई कमिश्नर को पाकिस्तान आने पर सहमति व्यक्त की है और ना ही भारतीय खतों का कोई जवाब दिया है।


