
लंदन : मेटास्टैटिक प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के बाद एक अमेरिकी व्यक्ति ‘आयरिश’ लहजे में बोलने लगा। उक्त व्यक्ति की आयु करीब 55 वर्ष थी और वह अपने जीवन में कभी भी आयरलैंड नहीं गया था।
उक्त उच्चारण को “अनियंत्रित” के तौर पर वर्णित किया गया, जिसका अर्थ है कि यह व्यक्ति कोशिश करने के बावजूद आयरिश लहजे में बोलने से खुद को नहीं रोक सका। वह अपनी मृत्यु तक उसी लहजे में बोलता रहा।
ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी व्यक्ति में प्रोस्टेट कैंसर की वजह से ‘‘विदेशी लहजे में बोलने के लक्षण’’ विकसित हुए। साथ ही, यह कैंसर के कारण विदेशी लहजे में बोलने के लक्षणों वाला तीसरा मामला है, अन्य दो मामले स्तन कैंसर और मस्तिष्क कैंसर से जुड़े थे।
विदेशी लहजे में बोलने के लक्षण आमतौर पर मस्तिष्क को क्षति पहुंचने के परिणामस्वरूप होता है, जैसे कि मस्तिष्काघात से। मस्तिष्काघात विभिन्न तरह से बोलने और


