
पटना: (PATNA) बिहार के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने सोमवार को बिहार विधानसभा के बजट सत्र को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार की ‘‘सुशासन’’ और ‘‘न्याय के साथ विकास‘‘ की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।इस महीने की शुरुआत में पदभार ग्रहण करने वाले राज्यपाल ने बजट सत्र के पहले दिन बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया।राज्यपाल ने 15-20 मिनट के भीतर आपातकालीन सहायता के लिए ‘‘112 डायल करें’’ जैसे उपायों का उल्लेख किया और कहा कि अब तक इस उद्देश्य के लिए 400 समर्पित वाहन तैनात किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की बढ़ती जनसंख्या के आलोक में पुलिस बल में 75543 अतिरिक्त पद सृजित किए गए हैं। एक अभूतपूर्व कदम के तहत राज्य सरकार द्वारा राजभवन में आयोजित एक समारोह में 10459 पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए।राज्यपाल ने यह भी कहा कि राज्य में कड़े शराबबंदी कानून के उल्लंघन में शामिल लोगों पर कार्रवाई के तहत 2022 में 115 बड़े शराब व्यापारियों सहित राज्य के बाहर के 2611 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।उन्होंने कहा कि शराब के कारोबार में राज्य के जो गरीब लोग शामिल थे इसे छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्हें रोजगार के वैकल्पिक साधन प्रदान किए जा रहे हैं।
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद हालांकि बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने सरकार के दावों को खारिज करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब से भाजपा सत्ता से बाहर हुई है और महागठबंधन ने सत्ता संभाली है तब से राज्य में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। शराबबंदी एक दिखावा है। शराब तस्कर बेखौफ होकर इधर-उधर घूम रहे हैं जो सत्तारूढ़ गठबंधन के लोगों की मिलीभगत का संकेत देता है।’’राज्यपाल ने सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति कत्तई बर्दाश्त नहीं की नीति की भी बात की और बताया कि निगरानी विभाग द्वारा 85 मामले दर्ज किए गए हैं जिसमें लोकसेवकों को रंगे हाथों पकड़े जाने के 52 मामले और आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के 29 मामले शामिल हैं।


