
श्योपुर : दक्षिण अफ्रीका से शनिवार को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में लाए गए 12 चीतों में सबसे बड़ा आठ साल और तीन महीने की आयु का नर है जबकि सबसे छोटा चीता दो साल और चार महीने की मादा है।
तीन चीते – जिनमें दो मादा और एक नर है- जून 2020 में पैदा हुए हैं जबकि उम्र में दूसरा सबसे बड़ा चीता सात साल और दो महीने की उम्र का नर है।
‘‘प्रोजेक्ट चीता’’ से जुड़े एक विशेषज्ञ ने पीटीआई-भाषा को बताया कि एक दक्षिण अफ्रीकी चीते का औसत जीवनकाल 8 से 10 साल का होता है।
दक्षिण अफ्रीका से सात नर और पांच मादा सहित 12 चीतों का यह दूसरा जत्था शनिवार को केएनपी लाया गया है जबकि नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को पिछले साल 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां बाड़ों में छोड़ा था। ये आठ चीते जंगल में छोड़े जाने से पहले फिलहाल बड़े बाड़ों में रह रहे हैं।
भारत में अंतिम चीते की मृत्यु वर्तमान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 1947 में हुई थी और इस प्रजाति को 1952 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था। भारत में चीतों को फिर से बसाने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की गई। इसके तहत पहले नामीबिया से और अब दक्षिण अफ्रीका से चीतों को यहां लाया गया है।


