
मुंबई : राजधानी दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए मुंबई देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है. स्विस एयर ट्रैकिंग इंडेक्स IQAir, एक वास्तविक समय वायु गुणवत्ता मॉनिटर (AQI) के अनुसार, मुंबई को 29 जनवरी से 8 फरवरी के बीच एक सप्ताह के लिए भारत में सबसे प्रदूषित शहर और विश्व स्तर पर दूसरे सबसे प्रदूषित शहर के रूप में स्थान दिया गया है. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार 29 जनवरी को मुंबई को सबसे खराब शहर की रैंकिंग में 10वां स्थान मिला था. वहीं 2 फरवरी को मुंबई को दूसरे स्थान पर रखा गया. हालांकि 13 फरवरी को, मुंबई ने भारत में सबसे प्रदूषित शहर के रूप में दिल्ली को पीछे छोड़ दिया और वायु गुणवत्ता के मामले में दुनिया भर में दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया।
मुंबई की हवा में 71% से अधिक पार्टिकुलेट मैटर लोड का कारण सड़क
सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल नवंबर और जनवरी के बीच मुंबई में ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ दिन पिछली तीन सर्दियों की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा थे. राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (NEERI) और IIT-बॉम्बे के 2020 के शोध के अनुसार, मुंबई की हवा में 71% से अधिक पार्टिकुलेट मैटर लोड का कारण सड़क या निर्माण की धूल है. कारखानों, बिजली संयंत्रों, हवाई अड्डों और कचरे के ढेर ने मुंबई की हवा को सांस लेने के लिए सबसे गंदी बनाने में योगदान दिया।
आईक्यूएयर क्या है?
IQAir, एक स्विस एयर ट्रैकिंग इंडेक्स और एक रियल-टाइम वर्ल्डवाइड एयर क्वालिटी मॉनिटर है जो UNEP और ग्रीनपीस के साथ मिलकर कार्य करता है. यह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के डेटा का उपयोग कर भारत में वायु गुणवत्ता को मापता है. अमेरिकी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मानकों के अनुसार शहरों को ‘हेल्दी’, अन्हेल्दी’ और ‘खतरनाक’ में वर्गीकृत किया गया है, जो भारत की तुलना में अधिक कठोर हैं।


