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New Delhi : कोरोना महामारी से मृत सरकारी कर्मियों के आश्रितों को नौकरी देने का प्रावधान किया जाए: भाजपा सांसद

नयी दिल्ली: (New Delhi) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद पशुपति नाथ सिंह ने सोमवार को केंद्र सरकार से मांग की कि कोरोना महामारी से मृत सरकारी कर्मियों के आश्रितों को नौकरी देने का प्रावधान किया जाना चाहिए।लोकसभा में शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए झारखंड के धनबाद से भाजपा सदस्य सिंह ने कहा कि दुर्घटना आदि में सरकारी कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान होता है, लेकिन कोरोना महामारी की स्थिति में ऐसा नहीं है।

पशुपति नाथ सिंह ने कहा कि सरकार को ऐसा प्रावधान बनाना चाहिए कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान जान गंवाने वाले सरकारी कर्मियों के आश्रितों को भी नौकरी देने का प्रावधान हो।शून्यकाल में भाजपा के रामचरण बोहरा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री पर मीडिया को अपने हिसाब से खबरें छापने के लिए बाध्य करने का आरोप लगाया और सरकार से इस बाबत ध्यान देने की मांग की।उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के सदस्य एस टी हसन ने बंदरों, कुत्तों समेत आवारा पशुओं और मवेशियों को आबादी वाले क्षेत्रों से जंगलों में भेजने की व्यवस्था करने की मांग की ताकि लोगों को परेशानी नहीं हो।

भाजपा के निहाल चंद ने राजस्थानी भाषा को अलग भाषा का दर्जा देते हुए संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की।बीजद सांसद और फिल्म अभिनेता अनुभव मोहंती ने कोरोना महामारी के बाद प्रभावित हुए सिनेमा क्षेत्र के विभिन्न कलाकारों का मुद्दा सदन में उठाया और सरकार से ऐसे जूनियर कलाकारों, नृत्य कलाकारों, स्टंट कलाकारों आदि के लिए आपातकालीन कोष बनाने की और उन्हें चिकित्सा बीमा, सस्ते आवास और पेंशन सुविधा देने की मांग की।

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