
भिवंडी : भिवंडी में आए दिन होने वाले आगजनी के बावजूद भंगार वालों पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन उदासीन बना हुआ है, जिसके कारण शहर व आस पास के क्षेत्र में अवैध तरीके से चल रहे भंगार गोदामों की भरमार है। ये बिना किसी प्रकार के शर्टिफिकेट के कारोबार करते हैं। हैरत की बात यह है कि इस व्यवसायियों पर जीएसटी भी लागू नहीं है। जिसके कारण कभी भी कांबा इलाके में हुई केमिकल में विस्फोट जैसी बड़ी अग्निकांड की पुनरावृत्ति हो सकती है। भिवंडी के अंजुरफाटा,रहनाल, पूर्णा,कशेली,धमानकर नाका,रोशनबाग,कल्याण रोड,नदी नाका ,श्रीरंगनगर, आसबीबी सहित शहर व आस पास के हर इलाके में अवैध भंगार की गोदाम है, जहां पर किसी भी प्रकार का कोई भी सामान भंगार का धंधा करने वाले लोग खरीदते व उसे अपनी मनमर्जी से बेचते हैं।सूत्र तो बताते है कि भंगार व्यवसाई सरकारी सामानों को भी खरीदने से परहेज नहीं करते हैं।इन्हे सस्ते में मिलने पर विस्फोटक समान खरीदने में कोई गुरेज नहीं है। इन गोदामों में होने वाली किसी भी दुर्घटना को रोकने की कोई भी व्यवस्था नहीं रहती है। इतना ही नहीं भंगार का धंधा करने वाले के पास किसी भी प्रकार का कोई लाइसेंस नहीं रहता है। बावजूद इसके ये भंगार वाले कुछ भी सामान कही से खरीद लेते हैं। जिसका इन भंगार वालों के पास अथवा पुलिस के पास कोई रिकार्ड नहीं रहता है।
पहले भंगार वाले के गोदाम में रॉकेट लांचर हुआ था बरामद
इन भंगार वालों का पुलिस का हप्ता बधा होने के कारण इन्हें पुलिस का पूरा संरक्षण रहता है। जिसके कारण चोरी तक का सामान भंगार वाले खरीदते हैं। बतादें कि कई वर्ष पहले स्थानीय रोशनबाग इलाके में कुछ दिन पहले भंगार वाले के गोदाम में रॉकेट लांचर बरामद हुआ था। इतना ही नहीं इन भंगार वालों पर जीएसटी विभाग का भी कोई लगाम नहीं है। लाखों का व्यवसाय करने वाले ज्यादातर भंगार व्यवसाई जीएसटी नंबर तक नहीं लिए है। बावजूद उक्त विभाग इन पर कार्रवाई को लेकर उदासीन बना हुआ है। सूत्र बताते है कि भंगार वालों को गोमस्ता लाइसेंस के अलावा अग्निशमन दल के अलावा पांच विभाग से लाइसेंस लेना जरुरी रहता है,लेकिन इन भंगार वाले नियम कानून को ताक पर रखकर व्यवसाय करते हैं। इधर पुलिस सूत्रों का कहना है कि अवैध भंगार गोदाम वालों की जांच कर उन पर कार्रवाई करने का आदेश डीसीपी नवनाथ ढवले ने दिया है। बता दे कि अवैध भंगार वालों के कारण आए दिन भिवंडी में आगजनी की घटना घटती रहती है।


