
मुंबई : सरकारी कार्यों के अतिरिक्त अधिकारी एवं कर्मचारी दैनिक कार्यों में यथासंभव मराठी भाषा का प्रयोग करें। मराठी भाषा के प्रचार और प्रसार के लिए सभी को पहल करनी चाहिए” यह बात महापारेषण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक दिनेश वाघमारे ने कही।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से 14 से 28 जनवरी तक मराठी भाषा प्रचार पखवाड़े का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बांद्रा स्थित प्रकाशगढ़ भवन के सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में श्री दिनेश वाघमारे बोल रहे थे। इस अवसर पर महापारेषण (मानव संसाधन) के निदेशक सुगत गमरे, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुधीर वानखेड़े, मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं प्रवर्तन) कैलास कणसे, मुख्य अभियंता सुनील शेरेकर, महाव्यवस्थापक (मा.सं.मनुष्यबल नियोजन) राजू गायकवाड, महाव्यवस्थापक (मा.सं. आस्थापना) मंगेश शिंदे, मुख्य औद्योगिक संबंध अधिकारी भरत पाटील, मुख्य कानूनी सलाहकार डॉ. कीर्ती कुलकर्णी, मराठी भाषा समन्वय अधिकारी नितीन कांबले, उपमहाव्यवस्थापक (मा.सं. आस्थापना) अभय रोही भी मौजूद थे।
दिनेश वाघमारे ने आगे कहा, ”मराठी भाषा के संरक्षण के लिए दैनिक जीवन में भी मराठी का प्रयोग किया जाना चाहिए। महापारेषण ने मराठी भाषा के प्रसार के लिए निबंध प्रतियोगिता, कविता पाठ प्रतियोगिता, मोनोलॉग प्रतियोगिता, संगोष्ठी का आयोजन किया, यह वाकई काबिले तारीफ है। विभिन्न प्रतिभाओं से अधिकारियों और कर्मचारियों में टीम भावना बढ़ती है।” इस अवसर पर महापारेषण के निदेशक (मानव संसाधन) सुगत गमरे ने मानव संसाधन विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक महेश आंबेकर व स्मिता वंजारी ने किया। नितिन कांबले ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
नतीजा इस प्रकार है।
निबंध लेखन प्रतियोगिता – विनय खेडेकर (प्रथम), अनिल सोनवणे (सर्वश्रेष्ठ), विशाखा भोसले (तृतीय), रूपेश गजरे (उत्साहजनक)। कविता पाठ प्रतियोगिता- विशाल वाघचौरे (प्रथम), सुशील घाडगे (द्वितीय), स्मिता वंजारी (तृतीय), आनंद दलवी (प्रेरक)। एकालाप अभिनय प्रदर्शन – राजू गायकवाड़ (प्रथम), स्मिता वंजारी (द्वितीय), सुशील घाडगे (तृतीय), भारती कांबले (प्रोत्साहन)। संगोष्ठी-विनय खेडेकर और सुशील घाडगे (प्रकाश सरिता, विजेता समूह)


