समरसता दिवस के रूप में मनाई गई मकर संक्रांति
आलोक गुप्ता
प्रयागराज: (Prayagraj) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खंड शंकरगढ़ (जिला यमुनापार) की ओर से मकर संक्रांति का पर्व सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया गया। मुख्य वक्ता खंड शारीरिक शिक्षण प्रमुख रमेश ने कहा, मकर संक्रांति आज का नहीं सदियों पुराना उत्सव है। मकर संक्रांति का सनातन धर्म में बहुत महत्व है। समस्त हिंदू समाज, जो भगवान भास्कर को आराध्य मानता है, वह इस उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाता है।
शिक्षण प्रमुख रमेश ने कहा, इस दिन भगवान भास्कर दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस कारण इस उत्सव का नाम मकर संक्रांति पड़ा। समाज का हर तबका, हर व्यक्ति एक साथ इस उत्सव को संपूर्ण विश्व में मनाता है। आज के दिन है मां गंगा के सागर से मिलने के कारण आज के दिन गंगासागर में बहुत बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने छह उत्सवों में से एक उत्सव के रूप में मकर संक्रांति को मनाता है, इसके पीछे संघ का मुख्य उद्देश्य अपने समाज के हर वर्ग को अपने साथ जोड़ना और उसको समाज की मुख्यधारा में लाना है। इस कार्य के द्वारा अपने हिंदू समाज को संगठित और शक्तिशाली एवं मजबूत बनाना है। हम जानते हैं कि आज का समय शक्ति का समय है, जो व्यक्ति शक्तिशाली नहीं है, वह कुछ नहीं कर सकता। शक्तिशाली व्यक्ति को हर व्यक्ति आगे रखना चाहता है। संघ का मुख्य उद्देश्य भारत को पुनः वैभवशाली बनाना है।

इसके लिए वह समाज को एकजुट रखेगा और भगवान राम की तरह संपूर्ण भारतवर्ष को एक साथ, एक माला में पिरोकर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाना है।
उन्होंने कहा, हम सनातनी प्रकृति का पोषण करते हैं, शोषण नहीं। हम प्रकृति का उपयोग पोषण द्वारा करते हैं, शोषण द्वारा नहीं। भगवान श्रीराम हमारे आदर्श हैं तो श्रीकृष्ण भी हमारे कर्ता के रूप में हैं। भगवान श्रीराम का नाम सुमिरन करने के साथ-साथ भगवान श्रीकृष्ण के जैसे कार्यकर्ता के रूप में हम कार्य को प्राथमिकता देते हैं। हम जानते हैं कि एक अकेला व्यक्ति कोई भी कार्य नहीं कर सकता। भगवान श्रीराम चाहते तो अकेले ही राक्षसों का वध कर सकते थे, लेकिन उन्होंने वानर, भालू, रीछ को एकत्रित कर एक संगठन बनाया और उद्देश्य को पूरा किया। संगठन बनाने का उद्देश्य यही था कि आने वाले समय में हम सभी संगठित रहें, जिससे आसुरी शक्तियां हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती हैं।
इस दौरान सभी लोगों ने एक साथ खिचड़ी भोज में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी त्रिलोकीनाथ ने की। इस अवसर पर खंड कार्यवाह नरेंद्र, खंड व नगर प्रचारक आशुतोष, अवधेश, डॉक्टर प्रेमचंद, मूलचंद गुप्ता, दीपक नीर, प्रधानाचार्य रामसुमेर शुक्ल, मुकेश, विनय, पंकज राय, रतन, सुरेश, राम नारायण, सुजीत, राघवेंद्र आदि मौजूद रहे।


