मुंबई : महाराष्ट्र में पहली बार जेल में बंद महिला कैदियों के बच्चों के लिए नर्सरी शुरू की गई है। इससे महिला जेल अधिकारियों के बच्चों को लाभ मिलेगा। इस नर्सरी का नाम पालणाघर भायखला जेल में शुरू की गई है। इस नर्सरी का उद्घाटन जेल विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ गुप्ता ने किया। भायखला में महिला कैदियों के लिए सेंट्रल जेल है। इस जेल में सैकड़ों महिला कैदी हैं। इनमें से कुछ महिलाओं के छोटे बच्चे भी हैं। ये बच्चे अपनी मां के साथ जेल में हैं। यह कानून है कि अगर कोई महिला आरोपी या कैदी है और महिला के शून्य से छह साल के बीच के बच्चे हैं, तो कानून के मुताबिक बच्चे को मां के पास रखा जाता है। भायखला जेल में आमतौर पर 10 छोटे बच्चे अपनी मां के साथ जेल में होते हैं। मां आरोपी होने के कारण 24 घंटे जेल में है।
पालक गृह एक सामाजिक संस्था के सहयोग से शुरू किया गया
इसलिए इन बच्चों को अपने किसी भी गलती के बिना जेल में रहना पड़ता है। इन बच्चों को जेल से बाहर निकालने के उद्देश्य से जेल विभाग के उप महानिरीक्षक योगेश देसाई की पहल पर भायखला जेल परिसर में नर्सरी शुरू की गई है। यह पालक गृह एक सामाजिक संस्था के सहयोग से शुरू किया गया है। इस नर्सरी का उद्घाटन शुक्रवार को किया गया। इस समय राज्य की जेल में यह पहला नर्सरी स्कूल है और जल्द ही इस तर्ज पर अन्य जेलों में भी नर्सरी स्कूल शुरू किया जाएगा। इस जगह पर महिला कर्मचारी ड्यूटी के दौरान अपने बच्चों को रख सकती हैं। इसी प्रकार जाम में बंद महिला बंदियों के बच्चों को भी इसी स्थान पर रखकर खुले वातावरण में रखा जाएगा।


