आलोक गुप्ता
प्रयागराज: (Prayagraj) माघ मेले के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति पर गंगा में डुबकी लगाने वालों की आमद शुरू हो गई है। इसके लिए मेला प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने पहले से ही इंतजामात कर रखे हैं। शहर को आने वाले प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की नो इंट्री 12 जनवरी की रात से ही प्रभावी कर दी गई है।
मंडलायुक्त सभागार में अपर पुलिस महानिदेशक भानु भाष्कर की अध्यक्षता की गई तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथआवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मकर संक्रांति पर रेलवे स्टेशनों एवं बस अड्डों पर भीड़ प्रबंधन के लिए 14 स्थानों पर होल्डिंग एरिया बनाया गया है। जहां लोगों को अस्थाई रूप से रोकने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए है। शहर में बनाए जा रहे 14 होल्डिंग एरिया की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी नगर को दी गई है।
बाहर से आने वाले सभी यात्रियों की सघन चेकिंग करने एवं मुख्य-मुख्य स्थानों पर पीए सिस्टम के माध्यम से यात्रियों व श्रद्धालुओं को जागरूक करने की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए। अधिक भीड़ की स्थिति में जंक्शन के चारों होल्डिंग एरिया को सक्रिय करने के भी निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने रेलवे द्वारा बनाए गए कंटीन्जेसी प्लान का भी अवलोकन किया और भीड़ प्रबंधन से संबंधित सभी अंतर विभागीय अधिकारियों की सूची, उनके फोन नंबर सभी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कोविड-19 के दृष्टिगत मास्क धारण करने एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। इसी क्रम में मेले के सभी 17 प्रवेश द्वारों एवं सभी स्नान घाटों पर कोविड हेल्पडेस्क स्थापित किया गया है। इसके अलावा सीएमओ को हर परिस्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम तैयार रखने, आपात स्थिति में ग्रीन कॉरिडोर का प्रयोग करने, एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मेला क्षेत्र में कुल 30 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा अग्नि दुर्घटना से लोगों को बचाने के लिए मेला क्षेत्र में 14 फायर स्टेशन की व्यवस्था की गई है। जल पुलिस द्वारा 50 मोटर बोर्ड, 100 नावों की व्यवस्था की गई है। बैठक में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री, पुलिस महानिरीक्षक चंद्रप्रकाश, पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त आकाश कुलहरि, मेलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान मौजूद रहे


