एक करोड़ 65 लाख का प्रस्ताव
वसई : तुंगारेश्वर पर्यटन स्थल और महादेव मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर लोक निर्माण विभाग द्वारा दो नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जिला योजना को एक करोड़ 65 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। वसई तालुक के पूर्वी भाग में तुंगारेश्वर पर्वत स्थित है। पहाड़ पर तुंगारेश्वर मंदिर है। दर्शनीय पहाड़ों की गोद में स्थित, श्रीतुंगरेश्वर महादेव मंदिर को महाराष्ट्र सरकार द्वारा वर्ष 2000 में ‘सी’ श्रेणी का पर्यटन क्षेत्र घोषित किया गया है। इस स्थान पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त भगवान महादेव के दर्शन करने आते हैं। इस क्षेत्र में पर्यटक भी आते हैं। हालांकि, इस क्षेत्र में अभी भी विभिन्न प्रकार की सुविधाओं का अभाव है।
लोक निर्माण एवं वन विभाग के माध्यम से निरीक्षण
मानसून के दौरान पहाड़ से बड़ी मात्रा में पानी बहता है। मुख्य मार्ग में ही पानी जमा होने से नागरिकों का यहां से आना-जाना मुश्किल हो रहा है। ठहरे और बहते पानी में से होकर गुजरना पड़ता है। इसके लिए वन विभाग से श्रीतुंगारेश्वर देवस्थान ट्रस्टी बोर्ड के माध्यम से इस क्षेत्र में पुल निर्माण की मांग की जा रही थी। अंतत: इस क्षेत्र में दो नए पुल बनाने का निर्णय लिया गया है, जहां नालियां बिछाई गई हैं। लोक निर्माण एवं वन विभाग के माध्यम से इसका निरीक्षण एवं नियोजन किया गया है। इस जगह पर 30 फीट लंबाई के दो पुल बनाए जाएंगे। वसई लोक निर्माण विभाग ने बताया है कि इसके लिए एक करोड़ 65 लाख रुपए का बजट तैयार कर पालघर योजना समिति को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। निर्माण विभाग ने यह भी कहा है कि स्वीकृति मिलते ही इन दोनों पुलों का काम शुरू कर दिया जाएगा।
तुंगारेश्वर पर्वत की ओर जाने वाली सड़क पर जलभराव के कारण नागरिकों को जोखिम भरा सफर करना पड़ता था। बरसात के बाद भी इस जगह में जनवरी से फरवरी तक पानी जमा रहता है। लिहाजा नागरिकों को गर्मी में भी इसी पानी से सफर करना पड़ता है। अब पुल बनकर तैयार हो जाने से नागरिकों को खतरनाक यात्रा से मुक्ति मिल सकेगी।
तुंगरेश्वर पर्वत के रास्ते में दो नाले हैं। उस जगह पर पुल बनाए जाएंगे। हमने वन विभाग के सहयोग से प्रस्ताव को मंजूरी के लिए दिसंबर में पालघर योजना को सौंप दिया है।
- प्रशांत ठाकरे, उप अभियंता, लोक निर्माण विभाग, वसई।


