शिक्षक हुए बेलगाम, बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा विपरीत असर
भिवंडी : भिवंडी मनपा शिक्षण विभाग द्वारा संचालित स्कूल पिछले तीन वर्षो से बिना प्रशासनाधिकारी के ही चल रहे हैं, जिसका असर मनपा विद्यालयों में पढ़ने वाले 24 हजार बच्चों पर पड़ रहा। शिक्षक बेलगाम होकर पढ़ाई की जगह स्कूल में गप्प मारने में जुटे रहते हैं। पढ़ाई न होने से मनपा स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में उनके भविष्य को लेकर चिंता व्याप्त है। प्रशासनाधिकारी की अनुपस्थिति के कारण मनपा विद्यालयों में शिक्षा पर विपरीत असर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चों को मनपा स्कूलों में पढ़ाया ही नहीं जाएगा, तो शिक्षा के क्षेत्र में इंडिया कैसे आगे बढ़ेगी ? मालूम हो कि भिवंडी मनपा द्वारा पहली से आठवीं तक विभिन्न माध्यम के कुल 97 विद्यालय संचालित किया जाता है, जिसमें कुल 24 हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते है। शिक्षित करने के लिए मनपा में 835 शिक्षक कार्यरत है।
मनपा के सहायक आयुक्त थोरात को प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी का चार्ज
भिवंडी मनपा शिक्षण मंडल के प्रशासनाधिकारी पद पर प्रशासन की तरफ से मुंबई में जोगेश्वरी पश्चिम विभाग का शिक्षण निरीक्षण संदीप पाटिल की नियुक्ति की गई थी। जिन्होंने 11 जुलाई 2019 को मनपा प्रशासनाधिकारी का पदभार भी संभाला था, लेकिन डबल चार्ज के कारण जनवरी 2020 के अंत में संदीप पाटिल को भिवंडी मनपा के प्रशासनाधिकारी पद का चार्ज हटा लिया गया । जिसके बाद तीन वर्षों से प्रशासन की तरफ से अभी तक नए प्रशासनाधिकारी कि नियुक्ति नहीं की गई। प्रशासनाधिकारी की अनुपस्थिति में शिक्षक बेलगाम होकर काम कर रहे हैं। मनपा शिक्षण व्यवस्था दिनों दिन बिगड़ती जा रही है। शिक्षकों की कामचोरी प्रवित्ति के कारण मनपा स्कूलों में अपने बच्चे को पढाने वाले अभिभावकों में बच्चों की भविष्य को लेकर चिंता व्याप्त है। अभिभावकों का कहना है कि आगामी दिनों में बच्चों का परीक्षा भी शुरू होने वाला है। ऐसे में बिना नियंत्रण मनपा स्कूल के शिक्षक बच्चों को शिक्षित करने के बजाय नेतागिरी व नेताओं की चमचागिरी में जुटे रहते हैं। इधर भिवंडी मनपा आयुक्त व प्रशासक विजयकुमार म्हसाल ने बताया कि फिलहाल मनपा के सहायक आयुक्त थोरात को प्रभारी प्रशासनिक अधिकारी का चार्ज दिया गया है।


