
राहत-बचाव कार्य देरी से शुरू होने पर नाराज लोगों ने किया हंगामा
मेजा-करछना की सीमा पर स्थित टोंस नदी के पुल पर हुआ हादसा
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट डेस्क
प्रयागराज: (Prayagraj) धान बेचने के लिए राइस मिल जा रहा किसान टोंस नदी पर बने पुल (bridge built on Tons river)पर दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। करछना-मेजा थाने की सीमा पर स्थित उक्त पुल पर धान की बोरियों से लदी ट्रैक्टर-ट्राली बेकाबू हो गई और जब तक ट्रैक्टर चला रहा किसान कुछ समझ पाता, वह ट्रैक्टर ट्राली समेत नदी में गिर चुका था। हादसे के बाद आगे-पीछे सफर कर रहे लोगों ने घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी। मौके पर पुलिस तो पहुंच गई, लेकिन यहां पर सारा मसला सीमा विवाद को लेकर उलझ गया। हालांकि लोगों की नाराजगी देख पुलिस ने राहत बचाव कार्य शुरू किया। फिलहाल इस हादसे ने एक हंसते-खेलते किसान परिवार की सारी खुशियां छीन ली। एक मां-बेटे से उसका बेटा छीना और पत्नी और बच्चों का सहारा छिन गया।
जानकारी के मुताबिक यमुनानगर के कोरांव थाना क्षेत्र के पूराचांदी के रहने वाले अमरनाथ तिवारी खेती-किसानी कर परिवार की आजीविका चलाते हैं। उनका इकलौता बेटा रूपेंद्र तिवारी भी पिता के साथ खेती-किसानी में हाथ बंटाता था। बुधवार की सुबह रूपेंद्र तिवारी (38) अपने निजी ट्रैक्टर-ट्राली पर धानकी बोरियां लादकर उसे बेचने के लिए नैनी जा रहा था। जैसे ही वह मेजा-कऱछना थाने की सीमा पर स्थित टोंस नदी के पुल पर पहुंचा, पुल की जर्जर सड़क की वजह से उसका ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और रूपेंद्र जब तक हालात की गंभीरता को समझ पाता, ट्रैक्टर रेलिंग को तोड़ते हुए नीचे जा गिरा।
सुबह लगभग नौ बजे हुए हादसे की जानकारी होते ही राहगीरों ने सबसे पहले पुलिस को सूचना दी। मौके पर आई पुलिस ने ट्रैक्टर पर अंकित नंबर के जरिए किसी तरह परिजनों की जानकारी हासिल की और घटना से अवगत कराया। इसके बाद रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों का मजमा लग गया। पुलिस द्वारा राहत बचाव कार्य़ में देरी किए जाने पर नाराज परिजनों ने खासी नाराजगी भी व्यक्त की। जिस स्थान पर ट्रैक्टर ट्राली गिरी है,वहां काफी गहरा पानी है। स्थानीय पुलिस ने नाविकों और एनडीआरएफ की मदद से ट्रैक्टर चलाने वाले रूपेंद्र तिवारी की तलाश शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक तलाश जारी थी।


