
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट डेस्क
पालघर:(Palghar) महाराष्ट्र के पालघर जिले के आदिवासी बहुल इलाके के एक स्कूल के छात्रों द्वारा बनाए गए रागी (finger millet) के पोषण संबंधी प्रोजेक्ट को नागपुर में आयोजित 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस में वैज्ञानिकों के सामने प्रस्तुत करने के लिए चुना गया है।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, महाराष्ट्र के अध्यक्ष सुरेंद्र दिघे ने एक विज्ञप्ति में बताया कि जवाहरलाल तालुका के जयेश्वर विद्या मंदिर के 8वीं से 10वीं कक्षा के छात्रों ने ‘स्टडी ऑफ मार्क मिलेट एज़ ए न्यूट्रीशनल फूड’ के तहत क्षेत्र के 60 किसानों का साक्षात्कार लिया और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में एक रिपोर्ट तैयार की।
उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट में रागी की विभिन्न स्थानीय किस्मों, इसकी खेती के तरीकों, पोषण आहार के रूप में इसके महत्व, इसके विभिन्न व्यंजनों, बीमारियों से लड़ने के लिए उपयोग और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, अध्ययन में कहा गया है कि स्कूल के पास आदिवासी इलाकों में रागी मुख्य फसल है, लेकिन इसकी किस्मों के साथ-साथ इसकी खेती का क्षेत्र भी घट रहा है। अध्ययन में कहा गया है, “शहरों के साथ-साथ गांवों में भी लोगों की खान-पान की आदतें बदल रही हैं। जंक फूड खाने का चलन है। साथ ही हम कुपोषण की समस्या का समाधान तलाश रहे हैं।”


