
समाजसेवी ने ग्रामीण प्रतिभाओं को बांटी खेल सामग्री, मोबाइल गेम से बाहर निकलने की अपील
सत्येंद्र द्विवेदी
भदोही: (Bhadohi) ग्रामीणांचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। संसाधन और खेल सुविधाओं के अभाव में इन प्रतिभाओं का दम घुट रहा है। ग्रामीणांचल में आज के बच्चे घर के अंदर मोबाइल गेम में व्यस्त हैं। यह आने वाली पीढ़ी और देश के विकास के लिए किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है। यह बातें समाजसेवी व एकमा के पूर्व अध्यक्ष रवि पटौदिया ने कही।
रामजानकी मंदिर परिसर (ब्रह्माश्रम, चौरी) में ग्रामीण प्रतिभाओं के खेल सामग्री वितरित करते हुए रवि पटौदिया ने कहा, सही वातावरण न होने से खेल के क्षेत्र में बच्चों को जो उपलब्धि प्राप्त करनी चाहिए, वह नहीं मिल पा रही है। उनकी प्रतिभा दबती जा रही है। आज के परिवेष में बच्चे, युवा मोबाइल गेम में व्यस्त हैं, इससे न सिर्फ उनका मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है, बल्कि शारीरिक विकास में भी कमी आई है। मोबाइल गेम में व्यस्त इस नई पीढ़ी को घरों से निकालकर खेल के मैदान तक लाना होगा और यह जिम्मेदारी समाज के हर व्यक्ति को उठानी होगी।
उन्होंने खेल किट (सामग्री) प्राप्त करने वाले सभी युवाओं का आह्वान किया कि वह खेल को नशे की तरह अपने जीवन में उतारें, ताकि उनकी प्रतिभा को चार चांद लग सके। इस दौरान क्षेत्र के बेदमनपुर, चौरी, जमुआ, चकभुइधर, अनेगपुर, बरदहा, बरौला आदि के गांवों के बच्चों को फुटबाल, बैडमिंटन, कैरमबोर्ड, वॉलीबाल, नेट आदि का वितरम किया गया।
पतंजलि योग समिति के प्रभारी संदेश योगी ने भी युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और खेल के मैदान में पसीना बहाने की अपील की। कार्यक्रम में प्रवीण कुमार वर्मा, राजेश मौर्य, चंद्रप्रकाश मिश्र, रमेश काबरा, रमेश पुरोहित, भृगुराज सिंह सहित क्षेत्र के प्रधान समेत तमाम युवा खिलाड़ी मौजूद रहे।


