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New Delhi : ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ से जी-20 बैठक तक, भारत ने ‘सॉफ्ट पावर’ का लोहा मनवाया

New Delhi: From 'Amrit Mahotsav of Independence' to G-20 meeting, India has proved its 'soft power'

नयी दिल्ली: (New Delhi) वर्ष 2022 एक ऐसा वर्ष रहा, जब सरकार ने 365 दिनों के कार्यक्रमों का सांस्कृतिक कैलेंडर बनाने के लिए देश और विदेश दोनों जगह भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ कूटनीति का उपयोग किया।‘सॉफ्ट पावर’ का आशय एक ऐसी असैन्य कूटनीति से है, जिसमें सांस्कृतिक पहलुओं पर जोर दिया जाता है।भारत ने स्वतंत्रता के 75 वर्षों का जश्न मनाने के लिए कार्यक्रमों की श्रृंखला का आयोजन कर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का हिस्सा बनने का आग्रह करके भारतीयों में गौरव और देशभक्ति की भावना का प्रसार किया। इसने देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत को वैश्विक स्तर पर पेश किया।संस्कृति मंत्रालय ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत 1,36,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें ‘हर घर तिरंगा’ जैसे कई भव्य कार्यक्रम शामिल हैं। यह अभियान 23 करोड़ घरों तक पहुंचा और छह करोड़ ‘सेल्फी विद तिरंगा’ भी साझा की गईं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने भी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया, जिसमें 154 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों को रोशन करना और ऊंचाई पर तिरंगा फहराना शामिल था। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत कार्यक्रम अगस्त 2023 तक आयोजित किए जाएंगे।स्वतंत्रता के बाद से भारत की गाथा को फिर से रचने के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ का भी उद्घाटन किया, जो पूर्व प्रधानमंत्रियों के जीवन और योगदान के माध्यम से स्वतंत्रता के बाद के भारत की कहानी कहता है।इस आरोप के बीच कि सरकार सुभाष चंद्र बोस की विरासत को ‘‘हड़पने’’ की कोशिश कर रही है, मोदी ने इंडिया गेट पर नेताजी की 28 फुट ऊंची ग्रेनाइट प्रतिमा का अनावरण किया।

बौद्धों के लिए पर्यटन स्थल के रूप में मशहूर भारत ने लुंबिनी, नेपाल में बौद्ध संस्कृति और विरासत के लिए भारत अंतरराष्ट्रीय केंद्र के निर्माण के लिए आधारशिला रखकर समुदाय को और लुभाया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगोलिया में 11 दिवसीय प्रदर्शनी के लिए भगवान बुद्ध की चार पवित्र कपिलवस्तु निशानियां ले जाने वाले एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अज्ञात नायकों की अनसुनी कहानियां साझा करने के लिए सरकार ने ऐसे गुमनाम नायकों के नाम तैयार किए और पूरे साल उनसे जुड़े कार्यक्रमों की योजना बनाई। कई संतों के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानियों की पुण्यतिथि और जयंती भी पूरे वर्ष के दौरान विभिन्न अवसरों पर धूमधाम से मनाई गई।

वर्ष 2022 के दौरान पर्यटन मंत्रालय ने संस्कृति मंत्रालय के साथ मिलकर न केवल देश के विरासत स्थलों को बढ़ावा देने के लिए घरेलू स्तर पर काम किया, बल्कि कार्यक्रमों को वैश्विक स्तर पर आयोजित किया। केंद्रीय मंत्री जे. किशन रेड्डी ने पूरे देश में, खासकर पूर्वोत्तर में यात्रा की और सरकार की योजनाओं का प्रचार किया।मंत्रालय भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जब देश 55 स्थानों पर 200 से अधिक बैठकों की मेजबानी करेगा। इनमें से चार बैठकें पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित की जा रही हैं।

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