
जांचोपरांत सिजेरियन प्रसव करवाने वाले निजी क्लीनिक पर ताला लगाने का आदेश
जिलाधिकारी के आदेश पर एएनएम और आशा बहू सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू
सत्येंद्र द्विवेदी
भदोही: (Bhadohi) 21 नवंबर की शाम गर्भवती का प्रसव करवाने से हाथ खड़े करवाने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अधीक्षक को उनके पद से हटा दिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर सीएमओ ने पूरे मामले की जांच करवाई और प्रभारी अधीक्षक डा. समीर उपाध्याय को प्रशासनिक पद से हटा दिया है। इसके अलावा उक्त प्रकरण में दोषी आशा बहू, एएनएम को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और बिना पंजीकरण के सिजेयिरन आपरेशन करने वाले मनीष क्लीनिक पर ताला लगाने का आदेश दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक संतोष चौहान की पत्नी मुनिया देवी को प्रसव के लिए 21 नवंबर की शाम को सीएचसी औराई लाया गया। मुनिया देवी के साथ स्थानीय आशा बहू भी साथ थी। जांच के दौरान पता चला कि मुनिया देवी का प्रसव आपरेशन से ही संभव है। इस पर सीएचसी औराई की तरफ से मुनिया देवी को जिला महिला अस्पताल मिर्जापुर के लिए रेफर कर दिया गया।
इसके बाद साथ रही आशा बहू ने गर्भवती मुनिया देवी को औराई में ही स्थित एक निजी हास्पिटल मनीष क्लीनिक में एडमिट करवा दिया, जहां पर मुनिया देवी का आपरेशन से प्रसव करवाया गया। दूसरी तरफ, उक्त प्रकरण की जानकारी होने पर औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की।
इसके बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। शासन के निर्देश पर तत्काल सीएमओ ने पूरे मामले की जांच करवाई, जिसमें पता चला कि जिस मनीष क्लीनिक में सिजेरियन आपरेशन किया गया है, उसका पंजीकरण सिर्फ ओपीडी चलाने का है। उक्त क्लीनिक के पास नर्सिंग होम का लाइसेंस नहीं है। इसके बाद जिलाधिकारी गौरांग राठी ने मनीष क्लीनिक औराई को तत्काल सील करने का आदेश दिया। इसके अलावा आशा बहू सदभावना देवी, एएनएम कुसुम प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और विभागीय जांच का आदेश दिया। जबकि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. समीर उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से गैर प्रशासनिक पद पर भेजने का आदेश दिया।


