
सत्येंद्र द्विवेदी
भदोही : एक तरफ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जा रहा है। योगी सरकार के द्वारा 24 घंटे निशुल्क इलाज का दावा किया जा रहा है तो दूसरी तरफ जिम्मेदार प्रदेश सरकार की साख पर बट्टा लगाने में तुले हुए हैं। बीती रात प्रसव केलिए सीएचसी औराई आई एक महिला का प्रसव करवाने से डाक्टरों ने हाथ खड़ा कर दिया। महिला कहां जाए और क्या करे, यह भी ड्यूटी पर तैनात जिम्मेदारों ने नहीं बताया। हालांकि मामले की शिकायत मिलते ही सीएमओ और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और महिला का प्रसव सुनिश्चित करवाया।
औराई तहसील रोड पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपने कारनामों से हमेशा सुर्खियों मे रहता है। जानकारी के अनुसार सोमवार को रात्रि में कुछ लोग एक महिला का प्रसव कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई गए थे। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों द्वारा महिला का प्रसव नहीं कराया गया। आपात स्थिति में यह मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया। आनन-फानन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संतोष कुमार चक व तहसीलदार सुनील कुमार ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान लोगों ने चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ चिकित्सक ओपीडी या प्रसव के मामलों में बाहर के मेडिकल स्टोरों से दवा लिखते हैं, जिसमें उनका कमीशन बंधा होता है।
बाहर की दवाओं में मरीजों से चिकित्सकों को अच्छा पैसा मिल जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कुछ चिकित्सक अपने आवास अथवा बाहर अपना निजी अस्पताल चल रहा है और वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मरीजों को बहला-फुसलाकर अपने प्राइवेट अस्पताल में बुलाकर इलाज करते हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संतोष कुमार चक ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है, भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी।


