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Prayagraj : पुलिस मुठभेड़ में हत्यारा गिरफ्तार, हत्या के बाद काट दी थी गर्दन

Prayagraj: Killer arrested in police encounter, neck was severed after murder

हत्यारोपी ने खुद की हत्या का किया था ड्रामा
आलोक गुप्ता
प्रयागराज: (Prayagraj)
मिर्जापुर राजमार्ग पर अनमोल ढाबे के पीछे 17 अक्टूबर को की गई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस मुठभेड़ में एसओजी व करछना पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा और एक बिना नंबर स्कूटी बरामद हुई है। गिरफ्त में आए हत्यारे ने बिहार निवासी सूरज गुप्ता की हत्या के बाद उसका सिर और गुप्तांग काटकर अलग फेंक दिया था। पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए हत्यारोपी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
सात नवंबर को देर रात हुई मुठभेड़ की जानकारी देते हुए एसपी यमुनापार ने बताया कि क्षेत्राधिकारी करछना विश्वजीत सिंह के निर्देशन में करछना पुलिस और एसओजी प्रभारी रणजीत सिंह की टीम बीती रात हर्रई-बेंदो मार्ग पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर के जरिए एक हत्यारोपी के क्षेत्र में आने की सूचना मिली। इस पर पुलिस टीम ऐक्टिव हो गई और वाहनों की चेकिंग तेज कर दी।

एसपी यमुनापार ने बताया कि एसआर डिग्री कालेज के समीप पुलिस टीम द्वारा चेकिंग के दौरान बिना नंबर की स्कूटी सवार युवक को रोकने की कोशिश की गई तो उसने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसने तनिक भी भागने का मौका नहीं दिया। पैर में गोली लगते ही स्कूटी सवार गिर पड़ा।
स्कूटी सवारके नीचे गिरते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसकी शिनाख्त फिरोज अहमद पुत्र दाऊद अहमद अंसारी के रूप में हुई। फिरोज करछना थाना क्षेत्र के पचदेवरा का निवासी है। उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, कारतूस, खोखा और बिना नंबर की स्कूटी बरामद हुई है।

पूछताछ में उसने बताया कि करछना के ग्राम मर्दापुर में रोड किनारे स्थित अनमोल ढाबे के पास सूरज गुप्ता पुत्र स्व. ओमप्रकाश गुप्ता (निवासी बक्सर, बिहार) की हत्याकर दी थी। हत्या के पूर्व फिरोज ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूरज को शराब भी पिलाई थी। हत्या के बाद बड़ी ही बेरहमी से उसने सूरज का सिर, धड़ से अलग कर दिया और गुप्तांग भी काटकर अन्यत्र फेंक दिया। बाद में शव को जलाकर उसकी पहचान मिटाने की कोशिश की गई।
फिरोज अहमद ने पुलिस को बताया कि इस हत्याकांड में उसने अपने साथी शिवबाबू व शमशेर की भी मदद ली थी। फिरोज ने बताया कि उसके ऊपर काफी कर्ज था। इस कर्ज से छुटकारा पाने के लिए उसने खुद के हत्या की साजिश रची। इसके लिए उसने अपनी ही कद-काठी वाले युवक के रूप में सूरज गुप्ता की तलाश की और सूरज की हत्या कर यह साजिश रची की पुलिस व उसके घरवालों को यह लगे कि उसी की हत्या हो गई है। लेकिन, शातिर किस्म के फिरोज का यह दांव उल्टा पड़ गया और वह खुद ही जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। फिरोज अहमद के ऊपर दो दर्जन से अधिक प्रकरण दर्ज हैं।

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