spot_img

New Delhi : स्वामी के आवास पर उनकी सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किए गए: केंद्र

New Delhi: Adequate security arrangements have been made at Swami's residence: Center

नयी दिल्ली: (New Delhi) केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय से बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को ‘जेड श्रेणी’ की सुरक्षा प्राप्त है, जिसके मद्देनजर उनके निजी आवास पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने केंद्र सरकार के अभ्यावेदन पर गौर करते हुए स्वामी की याचिका का निपटारा कर दिया। स्वामी ने याचिका में दावा किया कि पहले दिए आश्वासन के बावजूद केंद्र ने उनके निजी आवास पर सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं किए।केंद्र की पैरवी कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कहा कि विभिन्न सुरक्षा एजेंसी इस बात से संतुष्ट हैं कि स्वामी को दी गई ‘जेड श्रेणी’ सुरक्षा के मद्देनजर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं।अदालत के पहले के आदेश का पालन करने के लिए केंद्र ने इस मामले में एक अतिरिक्त शपथपत्र भी दाखिल किया।

स्वामी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील जयंत मेहता ने अदालत से कहा कि बंगले को खाली कर उसका कब्जा शनिवार तक प्राधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।मेहता ने दलील दी कि पूर्व सांसद के निजी आवास पर सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं अभी नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा था कि सरकारी बंगला खाली करने के लिए उन्हें दी गयी आखिरी तारीख 26 अक्टूबर थी तो प्राधिकारियों ने नए आवास का ‘‘दौरा’’ तब किया जब 27 अक्टूबर को मामले को उच्च न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।

केंद्र सरकार ने अदालत को 31 अक्टूबर को बताया था कि स्वामी के निजी आवास की सुरक्षा की समीक्षा की गयी है। वह सरकार द्वारा आवंटित बंगले को खाली करने के बाद इस आवास में रहेंगे।सरकार ने कहा था कि पूर्व राज्यसभा सदस्य को निजी आवास में रहने के दौरान ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मिले होने के कारण वह पूरी सुरक्षा मिलेगी जिसके वे हकदार हैं।

केंद्र सरकार के वकील ने कहा था कि स्वामी के निजी आवास पर ‘‘न्यूनतम सुरक्षा’’ उपलब्ध करायी गयी है और सरकारी बंगले से ‘‘मुख्य सुरक्षाकर्मी उनके साथ जाएगा।’’वकील ने कहा था कि अगर स्वामी के निजी आवास पर सुरक्षाकर्मी के लिए कक्ष नहीं होता है तो छह सुरक्षा कर्मियों को बारी-बारी से तैनात किया जाएगा।गौरतलब है कि अदालत ने 14 सितंबर को स्वामी को छह सप्ताह के भीतर अपने सरकारी बंगले का कब्जा संपदा अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया था।

अदालत ने कहा था कि बंगले का आवंटन पांच साल के लिए किया गया था और वह अवधि समाप्त हो गई है। न्यायाधीश ने कहा कि अदालत को ऐसी कोई सामग्री नहीं दिखाई गई है जो जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के लिए सरकारी आवास के आवंटन को अनिवार्य करती है।राज्यसभा के सदस्य के रूप में स्वामी का कार्यकाल 24 अप्रैल, 2022 को समाप्त हो गया था।

Explore our articles