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प्रेरक प्रसंग: लालसा

एक ब्राह्मण हर रोज की तरह मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं। वहां उन्हें एक रास्ते रुपए का सिक्का दिखाई देता है। उसके मन में विचार आता है कि ₹1 का सिक्का मैं उसको दे देता हूं जो बहुत ही गरीब हो। वह पूरे गांव का भ्रमण करता है पर उसे कोई गरीब व्यक्ति नहीं मिलता है। कुछ दिन बीत जाता है, ब्राह्मण व्यक्ति देखता है कि उसके सामने से एक राजा बहुत बड़ी प्रजा ले कर जा रहा होता है। महाराजा ब्राह्मण को देखते ही नमस्कार करता है और कहते कि आप मुझे आशीर्वाद दो। हम सभी दूसरे राज्य के साथ युद्ध करने जा रहे हैं आपका आशीर्वाद साथ रहेगा तो जीत हमारी निश्चीत है। ब्रह्मण व्यक्ति यह सुनते ही ₹1 का सिक्का उस राजा को दे देता है। ब्रह्मण व्यक्ति कहता है कि मैं कई दिनों से ऐसे गरीब इंसान की तलाश में था जिसके पास कुछ नहीं है। मुझे आप ही ऐसे गरीब व्यक्ति मिले जिनके पास सब होते हुए भी कुछ नहीं है।

निष्कर्ष :
जो व्यक्ति को अधिक से अधिक पाने की लालसा होती है। वह व्यक्ति हमेशा दुखी रहता है। उसे सब मिलने के बाद भी उसे संतोष कभी नही मिल सकता है। जो व्यक्ति संतुष्ट है वह सबसे धनी व्यक्ति है।

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