नई दिल्ली : (New Delhi) राऊज एवेन्यू कोर्ट (The Rouse Avenue Court) ने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की सुनवाई टाल दिया है। स्पेशल जज सुशांत चंगोट्रा ने मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को करने का आदेश दिया।
इस मामले के दो आरोपितों सत्यानंद याजी और मेसर्स एसजीवाई प्रोपर्टीज प्राईवेट लिमिटेड (Satyanand Yaji and M/s SGY Properties Private Limited) की ओर से वकील ने निजी वजहों से दलीलें रखने के लिए सुनवाई टालने की मांग की। उसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने 2 अगस्त को रॉबर्टवाड्रा समेत इस मामले के 10 आरोपितों को समन जारी किया था। 17 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ हरियाणा के शिकोहपुर भूमि से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में चार्जशीट दाखिल किया था। इसमें रॉबर्ट वाड्रा और 10 अन्य लोगों के नाम हैं। उनकी कंपनी, मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (M/s Sky Light Hospitality Private Limited) का नाम भी शामिल है। ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी की 37.64 करोड़ की 43 संपत्तियों को मनी लांड्रिंग के मामले में जब्त किया है।
इस मामले की शुरुआत 2008 में हुई थी। गुरुग्राम के शिकोहपुर (Shikohpur, Gurugram) में जमीन का सौदा हुआ था। स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने साढ़े तीन एकड़ जमीन मात्र साढ़े सात करोड़ में खरीदी थी। रॉबर्टवाड्रा इस कंपनी में डायरेक्टर थे। यह जमीन ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से खरीदी गई थी। इस जमीन का मालिकाना हक सिर्फ 24 घंटे में ही रॉबर्टवाड्रा की कंपनी के नाम पर हो गया।
स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी (Sky Light Hospitality) ने 2012 में वही जमीन डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी। इससे कंपनी को बहुत ज्यादा मुनाफा हुआ। इस मामले में 2018 में एक एफआईआर दर्ज की गई थी।


