केंद्र सरकार की कार्यक्षमता और ढांचागत परिवर्तन की दलील देना उचित नहींः सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने तटरक्षक बल में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन न देने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की कार्यक्षमता और ढांचागत परिवर्तन की दलील देना उचित नहीं है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने तटरक्षक सेना को निर्देश दिया कि वो सेवानिवृत हो चुकीं तटरक्षक बल की अधिकारी को स्थायी कमीशन देने के लिए फिर से सेलेक्शन बोर्ड गठित करने पर विचार करे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिलाओं को आज के समय में भी इस तरह उपेक्षित नहीं छोड़ा जा सकता। मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि तटरक्षक की नौकरी नेवी और आर्मी से अलग है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बोर्ड का गठन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कि इनको स्थाई कमीशन देने के लिए ढांचागत बदलाव की जरूरत होगी। हालांकि अटार्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि इस बारे में सरकार विचार कर रही है। भारतीय तटरक्षक बल इस बारे में जल्द ही हलफनामा दाखिल करेगा।
चीफ जस्टिस ने अटार्नी जनरल के सामने यह भी स्पष्ट किया कि अगर आप स्थायी कमीशन का प्रावधान नहीं करते तो फिर कोर्ट को ही इसके लिए आदेश जारी करना होगा। दरअसल भारतीय तटरक्षक बल में 14 साल की सर्विस कर चुकी प्रियंका त्यागी स्थायी कमीशन न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।


