नई दिल्ली : (New Delhi) वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष (150th anniversary of the Vande Mataram song) पूरे होने पर देशभर में भव्य कार्यक्रम होंगे। सात नवंबर को 150 ऐतिहासिक स्थानों पर वंदे मातरम् गीत का गायन होगा, जिसमें भाजपा के सभी नेता अपने अपने स्थानों पर वंदे मातरम् की गीत का गायन करेंगे।
भाजपा मुख्यालय में बुधवार को प्रेसवार्ता में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (BJP National General Secretary Tarun Chugh said that BJP President JP Nadda) ने 7 नवंबर से 26 नवंबर तक वंदे मातरम् गायन अभियान की घोषणा की है, जिसमें कारगिल से अंडमान निकोबार के सेलुलर जेल तक 150 स्थलों पर सामूहिक गायन होगा। उन्होंने कहा कि 8 से 26 नवंबर तक देश भर में कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसमें निबंध प्रतियोगिताएं, चित्रकला प्रदर्शनी, स्कूलों में कार्यक्रम भी शामिल होंगे।
इंडोर स्टेडियम में वंदे मातरम गीत के (singing of the song Vande Mataram at the Indoor Stadium) गायन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री भी हो सकते हैं शामिल
7 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में वंदे मातरम गायन कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। उसके बाद वे वाराणसी में अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे, जहां वे नई वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे और स्थानीय भाजपा नेताओं से मुलाकात करेंगे।
उल्लेखनीय है कि 7 नवंबर को राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150वें वर्ष होने वाले हैं। वंदे मातरम्” का सृजन वर्ष 1875 में बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय ने किया. (“Vande Mataram” was composed by Bankim Chandra Chatterjee in 1875) था। इस गीत का सबसे पहले गायन वर्ष 1896 में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कोलकाता (This song was first sung by Rabindranath Tagore in Kolkata in 1896) में किया था। वर्ष 1950 में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत का दर्जा प्रदान (In 1950, Dr. Rajendra Prasad gave Vande Mataram the status of national anthem) किया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह गीत राष्ट्रवाद, एकता और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रतिरोध का प्रतीक बना।



