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Kathmandu : प्रचंड की पार्टी ओली से कोई चुनावी तालमेल नहीं करेगी

Kathmandu: Prachanda's Party Will Not Form an Electoral Alliance with Oli

काठमांडू : (Kathmandu) पूर्व प्रधानमंत्री तथा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल (Former Prime Minister and Chairman of the Nepali Communist Party, Pushpa Kamal Dahal) ‘प्रचंड’ ने कहा कि इस चुनाव में केपी शर्मा ओली के साथ कोई चुनावी तालमेल नहीं होगा। उन्होंने आज काठमांडू में पत्रकारों से कहा कि वे सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से संवाद कर रहे हैं। ओली का नाम लेकर प्रचंड ने कहा कि उनके साथ चुनावी तालमेल की कोई संभावना नहीं है।

प्रचंड ने कहा, “मैं यह बात पूरी स्पष्टता से कहना चाहता हूं कि मेरी बातचीत राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (Rastriya Swatantra Party) के नेताओं से भी हो रही है और कांग्रेस के नेताओं से भी। कल शेरबहादुर देउवाजी (Sher Bahadur Deuba) से मुलाकात हुई। आज गगन थापा से भी बातचीत जारी है। केपी ओली से बातचीत करने का मतलब यह नहीं कि कोई सिद्धांत या पहचान खत्म हो जाती है। सभी से संवाद हो रहा है और होता रहेगा।”

उन्होंने कहा कि इस बार पार्टी ने सभी 165 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। कहीं भी कोई चुनावी तालमेल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा “सभी से बातचीत करना मेरी विशेषता है। मैं सहज रूप से संवाद करता हूं।”

झापा में केपी ओली को समर्थन करने के सवाल पर प्रचंड ने कहा कि राजनीति में कुछ भी पूरी तरह असंभव नहीं होता, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा “अभी तक ऐसी कोई बात नहीं है। केपी ओली से कभी फोन पर, कभी प्रत्यक्ष मुलाकात में चर्चा होती रहती है।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस दौरान शेरबहादुर देउवा, केपी शर्मा ओली, रवि लामिछाने (Sher Bahadur Deuba, KP Sharma Oli, and Rabi Lamichhane) समेत कई नेताओं से उनकी मुलाकातें हुई हैं। बालेन शाह के पिता के निधन के समय वे उनके घर जाकर संवेदना व्यक्त करने और बातचीत करने भी गए थे। “देश कठिन दौर में है। परिवर्तन की जिम्मेदारी निभाने के नाते मैंने कई लोगों से संवाद किया है,” प्रचंड ने कहा।

रुकुम पश्चिम में केपी ओली द्वारा उनके खिलाफ अन्य दलों से तालमेल करने के सवाल पर प्रचंड ने कहा कि इससे ओली की सोच झलकती है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर उन्होंने ओली से सीधे सवाल भी किया था। बातचीत के बाद ओली ने पूर्वी रुकुम में दिए गए समर्थन को वापस लेकर अपने उम्मीदवार को बरकरार रखा, हालांकि यह प्रचंड के समर्थन में नहीं था।

एमाले या कांग्रेस के साथ मिलकर फिर से नंबर एक पार्टी बनने की संभावना के सवाल पर प्रचंड ने दो टूक कहा, “न तो एमाले के साथ और न ही कांग्रेस के साथ—कोई समीकरण नहीं है। यह बिल्कुल साफ है। जनता को किसी भी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। हम अकेले जाएंगे, ‘नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी’ (Nepali Communist Party) के रूप में 165 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। और मुझे विश्वास है कि इस बार भी हम अच्छे नतीजों के साथ नंबर एक पार्टी बनने की मजबूत संभावना रखते हैं।”

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