जयपुर : राजधानी जयपुर में शनिवार अल सुबह साढ़े तीन बजे से शुरु हुई बरसात ने जन जीवन ठप सा कर दिया। सुबह से शुरू हुई बरसात का दौर करीब दस घंटे जारी रहा। एक ही रफ्तार में बरसी काली घटाओं ने जयपुर को जल मग्न कर दिया। जहां देखो वहां पानी ही पानी नजर आया। शहर के अधिकांश इलाकों में करीब आधा फीट से ऊपर पानी सड़कों पर बहता हुआ नजर आया। वहीं निचले इलाकों में तीन फीट पानी हिलोर ले रहा था। इधर तेज बरसात भी पुरुषोत्तम एकादशी के दिन गोविंद देव जी के भक्तों को नहीं रोक सकी। अटूट आस्था के तहत मंदिर में मंगला झांकी में करीब पांच हजार से ज्यादा दर्शनार्थियों ने दर्शन कर लाभ उठाया। भारी बारिश में भी भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन कर भजन कीर्तन का खूब लुत्फ उठाया।
शहर में आई तेज बरसात ने ड्रे्नेज व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। ब्रह्मपुरी, सुभाष चौक, रामगंज बाजार, जल महल, आमेर रोड सहित कई जगहों पर पानी भर गया और अपनी नालियों को छोड़कर रोड पर बहना लगा। पानी के तेज बहाव से जल महल की दीवार भी ढ़ह गई। जल महल का और चार दीवारी का सारा पानी पानी बह कर दिल्ली रोड मान बाग पर जा टकरा, जिसके चलते मान बाग पर काफी पानी जमा हो गया, वहां पर यातायात की स्थित काफी खराब हो गई। करबला में भी बाढ़ जैसे हालत देखने को मिले। वहां भी यातायात रेंग रेंग कर चलता हुआ नजर आया। करबला में बरसात के मिजाज को देखते हुए बडी संख्या लोग काफी उदास नजर आए। आज उन्हें ताजिए सुपुर्दे -ए- खाक करने थे, लेकिन तेज बरसात के चलते कई लोगों ने अपने ताजियों को बाहर खुली हवा के दर्शन ही नहीं कराए।
भट्टा बस्ती इलाके में कच्चा मकान ढहने से सात लोग दब गए। सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सभी लोगों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भिजवा दिया। ब्रह्मपुरी इलाके में भी एक पुराना मकान ढह गया। कंवर नगर इलाके में राजकीय कॉलेज की दीवार भी गिर गई।
भारी बरसात से कमला नेहरू नगर, भांकरोटा, मुकुंदपुरा रोड की काफी हालत खराब रहीं। जिसके चलते यहां की यातायात स्थित काफी खराब रहीं। भांकरोटा से लेकर कमला नेहरू नगर पुलिया पर घुटनों तक पानी जमा हो गया। जिससे काफी लम्बा जाम लग गया। सीकर रोड ने तो नदी का रूप ले लिया। उधर द्रव्यवती नदी भी उफान मारने लगी। जलमहल के भरने के कारण कानोता बांध में चादर चलने लगी।
शहर में एमआई रोड, बनीपार्क, हवा महल के आसपास के इलाकों में भी काफी पानी जमा हुआ। यहां पर यातायात की स्थिति भी काफी खराब रही, सड़क के दोनों ओर काफी पानी जमा हो गया, जिससे भी यातायात काफी बाधित रहा।
बरसात के बिगडे मिजाज के चलते जल भराव हो जाने के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे चार ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण ने बताया कि भारी बरसात और जल भराव को देखते हुए चार ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है।