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Bhopal : प्रधानमंत्री 14 सितंबर को बीना रिफाइनरी में करेंगे इथिलीन क्रैकर परियोजना का शिलान्यास

50,000 करोड़ रुपये के निवेश से मप्र के औद्योगिक परिदृश्य में आएगा क्रांतिकारी बदलाव, 2.77 लाख रोजगार के अवसर मिलेंगे

भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 14 सितम्बर को बीना रिफाइनरी में इथिलीन क्रैकर परियोजना का शिलान्यास करेंगे। यह अत्याधुनिक फ़ीड क्रैकर इकाई 1200 केटीपीए पॉली इथिलीन और पॉली प्रोपलीन का उत्पादन करेगी, जो प्लास्टिक, कपड़ा, पैकेजिंग और फार्मा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम आता है। वर्ष 2028 तक इस इकाई का व्यावसायिक उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को जनसम्पर्क अधिकारी अवनीश सोमकुवर ने दी।

10 औद्योगिक परियोजनाएं की रखेंगे आधारशिला

उन्होंने बताया कि इसके साथ प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश की 10 नई औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इसके अंतर्गत लगभग 1.02 लाख करोड़ का नया निवेश आएगा और 2.37 लाख नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

नर्मदापुरम जिले में 227.54 एकड़ में विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण औद्योगिक क्षेत्र। यह पार्क 3,300 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करेगा और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 6,600 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर मिलेंगे।

इंदौर में दो नए आईटी पार्क का शिलान्यास भी होगा। यह नए आई टी पार्क्स, आईटी और आईटीईएस क्षेत्र में परिवर्तनकारी बदलाव लायेगा। इन पार्क्स में 5,000 करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है, जिससे 25,000 युवाओं को रोजगार मिलेगा।

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे के समीप होने के कारण रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो मालवा क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा। यह मेगा इंडस्ट्रियल पार्क कपड़ा, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स आदि सेक्टर्स के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा और कुल 75,400 करोड़ रुपये निवेश को आकर्षित करेगा एवं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 1,72,000 व्यक्तियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

शाजापुर, गुना, मऊगंज, आगर मालवा, नर्मदापुरम और मक्सी में छह नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य राज्य में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है। इन परियोजनाओं से लगभग 16,500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित होगा और 33,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल है। इस इकाई में पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डालने के उद्देश्य से उन्नत एवं मॉडर्न तकनीकों का उपयोग किया जायेगा। यह इकाई देश की आयात निर्भरता को कम करके भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण को जीवंत करेगी। साथ ही, यह मेगा परियोजना 40,000 से अधिक रोजगार का निर्माण करेगी और पेट्रोलियम क्षेत्र में डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास को प्रेरित करेगी। यह योजना बीना के पास बुंदेलखंड क्षेत्र में एक मेगा पेट्रोकेमिकल पार्क के विकास की संभावनाओं को भी जन्म देगी।

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